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फिर बदला कोरोना वायरस: बीटा वैरिएंट का म्यूटेशन आक्रामक डेल्टा में पहुंचा, एंटीबॉडी पर करता है हमला

Tue, 15 Jun 2021 05:34 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

वैज्ञानिकों ने इस म्यूटेशन की पहचान K417N के नाम से की है। यह B.1.617 (डेल्टा) वैरिएंट में मिला है। इसलिए इसे B.1.617.2.1 नाम भी दिया है। साथ ही इसे AY.1 के नाम से भी जाना जा रहा है।  
 
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फिर बदला कोरोना वायरस - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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एक बार फिर कोरोना वायरस ने वैज्ञानिकों के होश उड़ा दिए हैं। इस बार वायरस ने ऐसा रुप बदला है कि दूसरी लहर में तबाही मचाने वाला डेल्टा वैरिएंट और भी अधिक आक्रामक नजर आ रहा है। देश के छह राज्यों में अब तक आठ सैंपल में पुष्टि हो चुकी है कि अभी तक बीटा वैरिएंट में मिलने वाला म्यूटेशन अब डेल्टा में भी जा पहुंचा है जिसे डेल्टा प्लस कहा जा रहा है।
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वैज्ञानिकों ने इस म्यूटेशन की पहचान K417N के नाम से की है। यह B.1.617 (डेल्टा) वैरिएंट में मिला है। इसलिए इसे B.1.617.2.1 नाम भी दिया है। साथ ही इसे AY.1 के नाम से भी जाना जा रहा है।  

जानकारी के अनुसार तमिलनाडु में सर्वाधिक तीन मरीजों में इसकी पहचान हुई है। इनके अलावा महाराष्ट्र, गुजरात, ओडिशा, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में एक-एक मरीज सामने आया है। जबकि दिल्ली, बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश और राजस्थान से पहुंचे सैंपल की सिक्वेसिंग का परिणाम आना अभी बाकी है।
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अभी तक यह म्यूटेशन वैज्ञानिकों की नजरों में नहीं था क्योंकि भारत में जीनोम सिक्वेसिंग पर्याप्त मात्रा में नहीं की जा रही है। पांच अप्रैल से 15 मई के बीच पहुंचे सैंपल की जांच की गई तो एक नहीं बल्कि आठ सैंपल में नया म्यूटेशन मिला है। यह सभी सैंपल डेल्टा वैरिएंट से संक्रमित थे। 

भारत की तरह यूके सहित अन्य देशों में भी यह म्यूटेशन 29 मार्च से 11 जून के बीच अचानक से सामने आया है। आउटब्रेक डॉट इन्फो वेबसाइट के अनुसार विश्व स्तर पर 150 मरीजों में यह म्यूटेशन मिला है। अमेरिका में 43 और यूके में 39 सैंपल में इसकी पहचान हुई है।

आधी से भी कम कर दे रहा एंटीबॉडी
K417N म्यूटेशन वायरस के स्पाइक प्रोटीन में 417 तरह के बदलाव लेकर आया है जो सीधे तौर पर इंसान के शरीर में मौजूद एंटीबॉडी पर हमला करता है। यानि ये वैरिएंट इतना ताकतवर है कि इससे न सिर्फ लोगों को एक से अधिक बार कोरोना संक्रमण हो सकता है बल्कि वैक्सीन लगाने के बाद भी संक्रमित होने की आशंका काफी बढ़ जाती है जिसे ब्रेक थ्रू इंफेक्शन कहा जाता है।  

चार महीने पहले आया डेल्टा, म्यूटेशन कई
B.1.617.2.1 (डेल्टा) वैरिएंट के स्पाइक प्रोटीन में D614G, K417N, P618R, T19R, D950N, T478K और L452R म्यूटेशन अभी तक मिल चुके हैं। जबकि del157/158 म्यूटेशन अब गायब हो चुका है। डेल्टा वैरिएंट को आक्रामक D614G म्यूटेशन ने बनाया हुआ था। जिसकी झलक भारत ने दूसरी लहर के रुप में देखी है लेकिन अब K417N म्यूटेशन भी हुआ है, जोकि कुछ समय पहले बीटा B.1.351 वैरिएंट में मिला था। 

जानलेवा नहीं, लेकिन गंभीर भी कम नहीं
नई दिल्ली स्थित आईजीआईबी के विनोद स्कारिया ने बताया कि यह काफी गंभीर भी हो सकता है क्योंकि बीते सात जून को पब्लिक हेल्थ यूके की रिपोर्ट में कहा गया है कि इंग्लैंड में 36 लोगों में इसकी पहचान हुई है जिन्होंने वैक्सीन लिया था और दो लोगों में वैक्सीन लेने के बाद संक्रमण हुआ है। मौत किसी भी मरीज की नहीं हुई है। हालांकि इस पर और अधिक अध्ययन अभी आना बाकी हैं। अभी तक जो सबूत सामने आए हैं उनके आधार पर यह कहा जा सकता है कि K417N म्यूटेशन कॉकटेल दवा का असर कम कर सकता है जिसे दिल्ली सहित कुछ महानगरों के प्राइवेट अस्पताल मरीजों को दे रहे हैं जिसकी एक खुराक कम से कम 59 हजार रुपये की है। 
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अब तक इन वैरिएंट में भी मिला डेल्टा प्लस का म्यूटेशन 

वैरिएंट            K417N
B.1.351.1       100
AY.1                99
B.1.351.2        98
B.1.351.3        98
B.1.351           96
(K417N म्यूटेशन कई वैरिएंट में मिल चुका है लेकिन डेल्टा वैरिएंट में पहली बार मिला है)
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