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प्रेम विवाह करने वाले युवक के परिवार की सुरक्षा पुलिस की जिम्मेदारी : हाईकोर्ट

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नई दिल्ली। निजामुद्दीन इलाके के सराय काले खां की हरिजन बस्ती में प्रेम विवाह करने वाले युवक के परिवार पर दूसरे समुदाय के हमले को हाईकोर्ट ने गंभीरता से लिया है। अदालत ने पुलिस को परिवार को सुरक्षा प्रदान करने और आरोपियों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज करने का निर्देश दिया है।
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न्यायमूर्ति अनु मल्होत्रा ने प्रेम विवाह करने वाले सुमित व खुशी, सुमित के पिता किशनदीप, मां रजनी व बहन चंचल की याचिका पर सुनवाई के दौरान कहा कि उन्हें जान का खतरा है। पुलिस की जिम्मेदारी है कि उन्हें सुरक्षा प्रदान करे। पीड़ित परिवार घर जाना चाहता है तो उसे पूरी तरह से सुरक्षा दी जाए। परिजन फिलहाल जहां भी रह रहे हैं, संबंधित थानाध्यक्ष उन्हें सुरक्षा प्रदान करे।
अदालत ने एससी-एसटी एक्ट की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज नहीं करने पर पुलिस को निर्देश दिया कि आरोपियों ने दलित समाज के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया है। ऐसे में उनके खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया जाए। अदालत ने मामले की जांच एसीपी स्तर के अधिकारी से कराने व सीसीटीवी फुटेज कब्जे में लेकर 6 अप्रैल को अगली सुनवाई में विस्तृत रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है।
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पुलिस की ओर से पेश अधिवक्ता ने कहा कि पीड़ित परिवार को सुरक्षा दी जाएगी। पीड़ित परिवार के घर व दूर तक 10-10 पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। पुलिस ने प्राथमिकी में एससी-एसटी एक्ट की धाराएं भी जोड़ दी हैं।
याची की ओर से पेश अधिवक्ता मोनिका अरोड़ा, मनीष कुमार, आकाश वाजपेयी व रिद्दिमा गौड़ ने अदालत को बताया कि सुमित व खुशी ने बिना किसी दबाव के 17 मार्च को विवाह किया था। खुशी दूसरे समुदाय से है, जबकि उनके मुवक्किल वाल्मीकि समुदाय से। इसके नाराज होकर खुशी के परिजनों व अन्य ने उनके मुवक्किल के घर पर हमला कर दिया। इन लोगों ने आसपास के घरों में भी तोड़फोड़ की और जान से मारने की धमकी देते हुए जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया। पुलिस ने उचित धाराओं में मामला दर्ज नहीं किया और मात्र चार ही लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस को उचित धाराओं में मामला दर्ज करने व उनके मुवक्किलों को सुरक्षा प्रदान करने का निर्देश दिया जाए, क्योंकि वे डरकर इधर-उधर भटक रहे हैं। उन्होंने इलाके में बवाल रोकने के लिए रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) को तैनात करने की मांग की।
उधर, सराय काले खां इलाके में अलग समुदायों के युवक-युवती के प्रेम विवाह के बाद तीसरे दिन भी तनाव बना रहा। उधर, दंपती ने दिल्ली पुलिस से सुरक्षा की गुहार लगाई है। युवक-युवती ने सोशल मीडिया पर वायरल किए वीडियो में जान का खतरा बताया है।
अनुसूचित जाति आयोग की टीम ने सोमवार को सराय काले खां पहुंचकर पीड़ित परिवार और प्रेमी युगल को सुरक्षा दिलाने की बात कही थी। मंगलवार को वायरल वीडियो में युवक और युवती अपनी मर्जी से शादी करने और एक साथ रहने की बात कर रहे हैं। उनका कहना था कि उन्होंने 17 मार्च को कोर्ट में शादी कर ली थी और अब साथ रहना चाहते है। उनके मुताबिक, युवती के परिजन उनके पीछे पड़े हुए हैं। दोनों को बस्ती में नहीं घुसने की धमकी दी जा रही है। इस संबंध में दक्षिण-पूर्व जिला डीसीपी आरपी मीणा ने बताया कि पुलिस ने युवक के परिजनों को सुरक्षा दे रखी है। युवक-युवती सुरक्षा मांगने आएंगे तो तुरंत मुहैया कराई जाएगी।
युवक सुमित के पिता किशनदीप ने अपील की है कि दोनों पक्ष एक साथ बैठकर मामले को शांति से सुलझा लें, ताकि गांव में सामाजिक सद्भाव और शांति बनी रहे। उन्होंने बताया कि वे चार महीने पहले युवती के परिजनों के पास शादी का प्रस्ताव लेकर गए थे, लेकिन उन्होंने इसे ठुकरा दिया था। इसके बाद दोनों बच्चों ने घर से भागकर शादी कर ली।
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