अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर को लेकर भाजपा सरकार पर आरोप लगाए
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी के सांसद और उत्तर प्रदेश प्रभारी संजय सिंह ने वाराणसी में अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर को लेकर भाजपा सरकार पर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि काशी के पौराणिक मंदिरों को तोड़े जाने के खिलाफ आवाज उठाने पर उन्हें निशाना बनाया जा रहा है, जबकि असली दोषियों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही।
संजय सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में मणिकर्णिका घाट को बुरी तरह क्षतिग्रस्त किया गया है। यह वही घाट है, जिसका निर्माण 18वीं शताब्दी में माता अहिल्याबाई होल्कर ने कराया था और जिसे हिंदू धर्म में मोक्ष का प्रमुख स्थल माना जाता है। इसके बावजूद वहां मंदिरों, मां गंगा के मंदिर, शिवालय और अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा को तोड़ा गया। इस तोड़फोड़ का विरोध काशी के साधु-संतों, अहिल्याबाई होल्कर के परिवार और पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने भी किया लेकिन एफआईआर सिर्फ उन्हीं के खिलाफ दर्ज की गई।
संजय सिंह ने सवाल उठाया कि जो लोग मंदिर तोड़ रहे हैं, हिंदू आस्था को चोट पहुंचा रहे हैं, उन पर कार्रवाई नहीं होती लेकिन जो सच बोलता है उस पर एफआईआर कर दी जाती है। संजय सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग की कि मंदिरों को तोड़ने वाले दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए और सख्त कार्रवाई हो। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र में इस तरह की घटनाएं होना बेहद शर्मनाक है और इससे सरकार की नीयत पर सवाल उठते हैं।