आतिशी के कथित आपत्तिजनक बयान को लेकर सियासत तेज
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी के कथित आपत्तिजनक बयान को लेकर सियासत तेज हो गई है। भाजपा ने आम आदमी पार्टी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि दिल्ली विधानसभा की कार्यवाही की जांच का कानूनी अधिकार केवल विधानसभा अध्यक्ष को है, न कि पंजाब पुलिस को।
मगर आम आदमी पार्टी अपने नेता को बचाने के लिए पंजाब पुलिस का दुरुपयोग कर रही है। नई दिल्ली से भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने कहा कि विधानसभा में दिए गए किसी भी बयान की जांच केवल विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता के अधिकार क्षेत्र में आती है। इसके बावजूद आतिशी को बचाने के लिए पंजाब पुलिस से एफआईआर कराई गई, जो अधिकार क्षेत्र से बाहर है। उन्होंने कहा कि फॉरेंसिक रिपोर्ट में साफ हो चुका है कि संबंधित वीडियो से किसी तरह की छेड़छाड़ नहीं हुई है।
बांसुरी स्वराज ने सवाल उठाया कि छह जनवरी को विधानसभा में विवादित बयान दिया गया और सात जनवरी को मंत्री कपिल मिश्रा ने उस पर ट्वीट किया, उसी दिन पंजाब पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर दी। उन्होंने पूछा कि दिल्ली विधानसभा से पंजाब पुलिस का क्या लेना-देना है। भाजपा ने यह भी स्पष्ट किया कि जालंधर में दर्ज मामला केवल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म मेटा के खिलाफ है, किसी व्यक्ति को आरोपी नहीं बनाया गया है। ऐसे में आतिशी को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।
इसी मुद्दे पर प्रदेश भाजपा के महामंत्री व सांसद योगेन्द्र चांदोलिया ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी नेतृत्व ने आतिशी को छह जनवरी के बाद से मीडिया और जनता से दूर रखा है। अगर आतिशी ने कोई गलत बयान नहीं दिया, तो उन्हें सामने आकर सफाई देनी चाहिए। वहीं, प्रदेश भाजपा प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने कहा कि आतिशी किसी धर्म या धार्मिक गुरुओं का अपमान करने वाली पहली आप नेता नहीं हैं। उन्होंने दावा किया कि पहले भी आप के नेता और कार्यकर्ता विभिन्न धर्मों को लेकर आपत्तिजनक बयान दे चुके हैं।