भाजपा शासित ईडीएमसी हाउस में मंगलवार को बजट चर्चा के दौरान विपक्षी दल ने जमकर हंगामा किया। विपक्षी दल के पार्षद सदन की कार्यवाही के दौरान ही धरने पर बैठ गए। इस बात से नाराज महापौर श्याम सुंदर अग्रवाल ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को पत्र लिखा है।
पूर्वी दिल्ली नगर निगम के वार्षिक बजट पर चर्चा करने और उसे अंतिम रूप देने के लिए सभा बुलाई गई थी। इस दौरान आप के कुछ सदस्य सदन के वेल तक पहुंच गए और नारेबाजी करने लगे, कुल सदस्यों ने तख्तियां लेकर कार्यवाही का विरोध किया। सदन में हंगामे का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें दिख रहा है कि एक पार्षद वेल में खड़े होकर मेयर का मंच पर पीट रहे हैं। जबकि दूसरे सदस्य तख्ती लिए हुए नारे लगा रहे हैं। विपक्ष के सदस्य आरोप लगा रहे थे कि निगम के भ्रष्ट अधिकारी मेयर के संरक्षण में काम कर रहे हैं।
कई बैठकों से किया निष्कासित
महापौर श्याम सुन्दर अग्रवाल ने विपक्ष द्वारा किये गये इस व्यवहार को लोकतंत्र को शर्मशार करने वाला बताया है। उन्होंने दिल्ली के मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर विपक्ष द्वारा सदन की बैठक में किये गये व्यवहार को अलोकतांत्रिक बताया है। महापौर ने लिखा है कि पिछले पांच सालों में पूर्वी दिल्ली नगर निगम की बैठकों में आम आदमी पार्टी के पार्षदों का व्यवहार अत्यंत अलोकतांत्रिक, अशोभनीय और अमर्यादित रहा है और यही कारण है कि उन्हें उनके इसी व्यवहार के कारण पूर्वी निगम में सदन की कई बैठकों से निष्कासित किया गया है।
पार्षदों के असभ्य व्यवहार पर लगाम लगानी चाहिये
महापौर ने पत्र में लिखा कि सदन की बैठक के दौरान विपक्ष ने उनके उपर खाली डब्बे, यूज्ड डिस्पोजेबल ग्लासेस फेंके। विपक्ष के पार्षदों ने निगम की संपत्ति को तोड़ने की कोशिश की। महापौर ने कहा कि उनका यह व्यवहार उनके राजनीतिक शून्यता की ओर इंगित करता है। महापौर ने मुख्यमंत्री से कहा कि वे स्वयं मर्यादित पद पर विराजमान हैं, ऐसे में उनको अपनी पार्टी के पार्षदों के अनुचित और असभ्य व्यवहार पर लगाम लगानी चाहिये। लोकतांत्रित ढांचे के अंतर्गत कार्य करते हुए उन्हें अपने पार्षदों को लोकतांत्रिक व्यवहार के बारे में भी बताना चाहिए।
आप और भाजपा दोनों एक-दूसरे पर लगा रहे आरोप
दिल्ली में अप्रैल में निगम के चुनाव होने की संभावना है, इससे पहले आप और भाजपा दोनों एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। अपने राजस्व को बढ़ाने के लिए पूर्वी दिल्ली नगर निगम ने 26 नवंबर को अपने बजट में आवासीय और वाणिज्यिक संपत्तियों पर लगाए गए संपत्ति कर को बढ़ाने और साइकिल रिक्शा, दुधारु जानवरों और वाहन खींचने वालों को कर मुक्त रखने का प्रस्ताव रखा था। ईडीएमसी बजट के अनुसार वर्ष 2021-22 के लिए संशोधित बजट अनुमान 4,479.43 करोड़ रुपये है, जबकि वर्ष 2022-23 के लिए बजट अनुमान 4,735.77 करोड़ रुपये है।