पीड़ित परिवार सुप्रीम कोर्ट का करेगा रुख
1984 में हुए सिख विरोधी दंगों के पीड़ित परिवारों का दर्द आज भी ताजा है। एक पीड़ित परिवार के सदस्य ने कहा कि उन्होंने अपने परिवार के 10 सदस्यों को खो दिया था। उन्होंने इस बात पर निराशा व्यक्त की। सिख विरोधी दंगों के पीड़ित परिवार के सदस्य का कहना है कि मैंने अपने परिवार के सदस्यों को खो दिया। सज्जन कुमार को अब तक फांसी की सजा क्यों नहीं दी गई। हम सुप्रीम कोर्ट का रुख करेंगे।
आरोप साबित नहीं हो सका
1984 के सिख विरोधी दंगों के मामले में पूर्व सांसद सज्जन कुमार के वकील अनिल कुमार शर्मा ने कहा कि कोर्ट ने उन्हें बरी कर दिया है, क्योंकि विकासपुरी और जनकपुरी मामलों में उनके खिलाफ कोई भी आरोप साबित नहीं हो सका। हमने कोर्ट को बताया था कि उन्हें टारगेट किया गया था, क्योंकि उनकी मौजूदगी साबित नहीं हो सकी। अब तक किसी भी गवाह ने उनका नाम नहीं लिया था, लेकिन अब 36 साल बाद इन्होंने नाम लिया है।