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किसान आंदोलन: बॉर्डर बंद होने से दिल्ली से नहीं आ सकी रोटी, किसान नेता बोले- काफी सामान का स्टॉक है

Mon, 01 Feb 2021 11:58 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
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बैरिकेडिंग के ऊपर डाली गई कंटीली तार - फोटो : अमर उजाला
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दिल्ली पुलिस की तरफ से महाराजपुर बॉर्डर बंद करने के बाद आंदोलन स्थल पर दिल्ली की तरफ से आने वाली रसद सोमवार को नहीं पहुंच सकी। इसके साथ ही लंगर में सेवा देने वाले लोग भी दिल्ली से आंदोलन स्थल पर नहीं आ सके। किसानों ने गाजियाबाद के आसपास के गांव से रसद मंगाई। 
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यूपी गेट पर चल रहे आंदोलन में दिल्ली के कई गुरुद्वारों की तरफ से लंगर सेवा दी जा रही है। इन लंगर में आंदोलन में पहुंचे लोगों के साथ दिल्ली के लोग भी सेवा देते हैं। सब्जी तो इन लंगर में ही तैयार की जाती है लेकिन रोटियां दिल्ली के गुरुद्वारे से आती हैं। दिल्ली पुलिस ने एनएच-9 को पहले ही बंद कर दिया था। 

सोमवार को महाराजपुर बॉर्डर भी बंद कर दिया। इसकी वजह से दिल्ली से आंदोलन स्थल पर लगे कुछ लंगरों में आने वाली रोटियां नहीं पहुंच सकीं। इसके  साथ ही लंगर में दिल्ली से सेवा देने वाले लोग भी नहीं आ सके। इसकी वजह से लंगरों में भोजन की व्यवस्था करने में संचालकों को परेशानी उठानी पड़ी। 
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लंगर में ही रोटियां बनाई गईं। बिलासपुर से लंगरों में दूध की सप्लाई होती थी। बॉर्डर बंद होने से दूध की सप्लाई भी नहीं हो सकी। गाजियाबाद के आसपास के गांव से दूध मंगवाया गया। इसके साथ ही अन्य राशन की व्यवस्था भी किसानों ने की। 
 
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पहली बार अन्नदाता के लिए खाने का रास्ता हुआ बंद : विर्क

किसान नेता और तराई किसान संगठन के तेजिंद्र सिंह विर्क ने कहा कि सरकार किसानों को अन्नदाता कहती है। जो अन्नदाता पूरी दुनिया को खिलाने का काम करता है, आज उसके खाने के रास्ते बंद कर दिए गए। यह पहली बार हिंदुस्तान में देखा गया है।

आंदोलन स्थल पर दिल्ली वालों के लंगर लगे हैं। गुरुद्वारों से रोज रोटी पक कर आती थी। आज दिल्ली की सीमा पर बैरिकेडिंग करके रोटियों का आना भी बंद कर दिया गया है। हालांकि आंदोलन स्थल पर सामान स्टॉक है। इसकी वजह से कोई परेशानी नहीं हुई है।
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