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दिल्ली: साहित्योत्सव में बह रही किताबों की ‘नदी’, बुझेगी ज्ञान की प्यास

Sat, 12 Mar 2022 03:15 AM IST
सुशील कुमार अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

साहित्य अकादमी के साथ जुड़े 105 अध्येताओं की एक अलग प्रदर्शनी लगाई गई है। इसमें साहित्य अकादमी के स्थापना के समय पहले बैच में जुड़े सर्वपल्ली राधाकृष्णन, डीआर बेंद्रे, सी राज गोपालाचारी, सुमित्रा नंदन पंत जैसे अध्येताओं की तस्वीरों को शामिल किया गया है।
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किताबों की नदी। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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साहित्य और साहित्यकारों के अलावा किताबों से प्यार करने वाले बाकी लोगों के लिए साहित्योत्सव आयोजित किया गया है, जहां किताबों की ‘नदी’ बह रही है। यहां पुस्तक प्रेमी अपने ज्ञान की प्यास बुझा रहे हैं। मंडी हाउस के रवीन्द्र भवन में साहित्य अकादमी ने साहित्योत्सव का अनोखा सेटअप बनाया है, जहां पुस्तक प्रेमियों को भीतर जाने के लिए लकड़ी के पुल पर चढ़कर किताबों की नदी पार करना है। इस प्रतीकात्मक नदी को हजारों किताबों के इस्तेमाल से बनाया गया है। इसे पार करने के बाद बायीं तरफ पुस्तकों की प्रदर्शनी लगाई गई है। इसमें करीब 4000 किताबें, अकादमी की पत्रिकाएं, बाल साहित्य और क्लासिक हैं।

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जब्तशुदा साहित्य का संग्रह
देश की आजादी से पहले अंग्रेजों द्वारा जब्त साहित्य का यहां एक अलग कॉर्नर है। अकादमी के पास संग्रहित करीब 400 किताबों में से 251 किताबों को प्रदर्शित किया है। हिंदी में मुंशी प्रेमचंद की जब्त कहानियां, राम प्रसाद बिस्मिल की आत्मकथा, आजादी के तराने, आजादी के गीत और दूसरी भाषाओं में किताबें हैं।

अलग 105 अध्येताओं का कोना
साहित्य अकादमी के साथ जुड़े 105 अध्येताओं की एक अलग प्रदर्शनी लगाई गई है। इसमें साहित्य अकादमी के स्थापना के समय पहले बैच में जुड़े सर्वपल्ली राधाकृष्णन, डीआर बेंद्रे, सी राज गोपालाचारी, सुमित्रा नंदन पंत जैसे अध्येताओं की तस्वीरों को शामिल किया गया है।
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इन्हें मिला साहित्य अकादमी पुरस्कार
कमानी सभागार में शुक्रवार को साहित्य अकादमी पुरस्कार दिया गया। अकादमी के उपाध्यक्ष माधव कौशिक और सचिव के श्रीनिवासराव की मौजूदगी में अनुराधा शर्मा पुजारी (असमिया), ब्रात्य बसु (बांग्ला), मोदाय गाहाय (बोडो), राज राही (डोगरी), यज्ञेश दवे (गुजराती), दया प्रकाश सिन्हा (हिंदी), वली मुहम्मद असीर किश्तवारी (कश्मीरी), संजीव वेरेंकार (कोंकणी), जगदीश प्रसाद मण्डल (मैथिली), जॉर्ज ओणक्कूर (मलयालम), थॉकचॉम ईबॉहनबी सिंह (मणिपुरी), किरण गुरव (मराठी), छविलाल उपाध्याय (नेपाली), ऋषिकेश मल्लिक (ओड़िआ),खालिद हुसैन (पंजाबी), मीठेश निर्मोही (राजस्थानी), विन्ध्येश्वरी प्रसाद मिश्र ‘विनय’ (संस्कृत), अर्जुन चावला (सिंधी), अबइ (तमिल), मोरटि वेन्कन्ना (तेलुगु), चंद्रभान खयाल (उर्दू)। पुरस्कृत रचनाकारों में नमिता गोखले (अंग्रेजी), डिएस नागभूषण (कन्नड) व निरंजन हांसदा (संताली) के पुरस्कार उनके परिजनों को दिए गए।

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