राजधानी के चार बड़े सरकारी अस्पताल एम्स, लोकनायक, जीटीबी और राजीव गांधी सुपर स्पेशयलिटी अस्पताल में ब्लैक फंगस के करीब 300 मरीज भर्ती हैं।इनमें जीटीबी अस्पताल में रोगियों की संख्या 108 पहुंच चुकी है। इसके अलावा लोकनायक अस्पताल में 75 एम्स में 120 और राजीव गांधी सुपर
स्पेशयलिटी अस्पताल में 2 मरीज भर्ती हैं।
लोकनायक अस्पताल के चिकित्सा निदेशक डॉ सुरेश कुमार ने बताया कि अस्पताल में ब्लैक फंगस के मरीजों के इलाज के लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम का गठन किया गया है। डॉक्टरों की निगरानी में मरीजों का इलाज किया जा रहा है। एक वार्ड में करीब 40 मरीज भर्ती हैं। अस्पताल में तीन वार्ड की व्यवस्था है ।जरूरत पड़ने पर और बेड भी बढ़ाए जाएंगे।
ब्लैक फंगस की दवा खत्म
फंगस के बढ़ते मामलों के बीच इस बीमारी के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवा की किल्लत भी लगातार बनी हुई है। दिल्ली सरकार का कहना है कि फंगस की दवा लगभग खत्म हो चुकी है केंद्र से अपील है कि मांग के हिसाब से जल्द से जल्द पर्याप्त स्टॉक भेजा जाए।
100 में से 8 की मौत
दिल्ली सरकार के मुताबिक, ब्लैक फंगस से अब तक 89 लोगों की मौत हो चुकी है। मरीजों की संख्या के अनुपात के हिसाब से देखें तो इस बीमारी से पीड़ित होने वाले हर 100 में से 8 में मरीज की मौत हो रही है इस लिहाज से देखें तो ब्लैक संघर्ष से मृत्युदर 8.5 फ़ीसदी है। कुर्ला से कोई मृत्युदर का 8 गुना ज्यादा है।