कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए नई दिल्ली स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल (आरएमएल) ने ओपीडी पंजीकरण के समय में बदलाव किया है। बुधवार से अस्पताल में सुबह साढ़े आठ से साढ़े 10 बजे तक ओपीडी के लिए पंजीकरण होगा।
इसके बाद दोपहर की ओपीडी एक से दो बजे तक चलेगी। अभी तक ओपीडी का पंजीयन सुबह साढ़े 11 बजे तक होता है। वहीं दोपहर की ओपीडी तीन बजे तक चलती है। अस्पताल प्रबंधन ने सुबह और दोपहर की ओपीडी में एक-एक घंटे का समय कम किया है।
दरअसल संक्रमण की चपेट में आने के बाद अस्पताल के अब तक 20 से भी ज्यादा स्वास्थ्य कर्मचारी होम आइसोलेशन में चले गए हैं। दूसरे स्टाफ को भी संक्रमण से बचाए रखने और पर्याप्त संख्या बनाने के लिए अस्पताल ने ओपीडी के समय में बदलाव किया है ताकि मरीज और स्वास्थ्य कर्मचारियों के संपर्क में आने का जोखिम कम रहे।
अस्पतालों में लगातार संक्रमित हो रहे स्वास्थ्यकर्मी
दिल्ली में कोरोना संक्रमण के मामलों में तेजी का असर अब अस्पतालों में भी दिखाई देने लगा है। भले ही अस्पतालों में भर्ती संक्रमित मरीजों की संख्या कम है लेकिन यहां तैनात स्वास्थ्य कर्मचारी लगातार संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं।स्थिति यह है कि राजधानी के सात बड़े अस्पतालों में अब तक 100 से भी ज्यादा स्वास्थ्य कर्मचारी कोरोना संक्रमित मिले हैं।
जानकारी के अनुसार दिल्ली एम्स में अब तक 50 स्वास्थ्य कर्मचारी कोरोना संक्रमण की चपेट में आए हैं। नई दिल्ली स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल (आरएमएल) में अब तक 20 डॉक्टर, नर्स और अन्य स्टाफ संक्रमित मिला है। वहीं सफदरजंग अस्पताल में 24, लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज में 15, लोकनायक अस्पताल में 12, हिंदूराव अस्पताल में सात, जीबी पंत सुपर स्पेशलिटी में चार, जीटीबी में आठ लोग कोरोना संक्रमित मिले हैं।
हालांकि इनमें से किसी भी अस्पताल ने आधिकारिक तौर पर स्वास्थ्य कर्मचारियों के संक्रमित होने की जानकारी सार्वजनिक नहीं की है लेकिन अलग अलग विभागों से मिल रही सूचना के आधार पर कोरोना की चपेट में आ रहे स्वास्थ्य कर्मचारियों में सीनियर फैकल्टी, रेजिडेंट, नर्स और अन्य स्टाफ शामिल है।
एम्स के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जिन स्वास्थ्य कर्मचारियों में संक्रमण का असर नहीं है उन्हें ड्यूटी पर आने के निर्देश दिए गए हैं। जबकि माइल्ड या फिर अधिक लक्षण होने पर उन्हें घर में ही रहकर आइसोलेशन की सलाह दी गई है। करीब पांच स्वास्थ्य कर्मचारियों को एम्स में ही भर्ती कराया गया है।