कोविड के दौरान दुनिया की रफ्तार थर्मी रही, लेकिन रेलवे का पहिया नहीं रूका। मूलभूत आवश्यकताओं की वस्तु को मालगाड़ी एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाती रही। कोरोना की चुनौतियों के बावजूद रेलवे ने माल ढुलाई के क्षेत्र में कीर्तिमान स्थापित किया है। पिछले साल अप्रैल महीने से जब यात्री ट्रेन थम गई तो मालगाड़ियों ने रफ्तार भरी और 1 अप्रैल 2020 से 28 फरवरी 2021 के बीच 110 करोड़ टन माल ढुलाई की।
रेलवे ने पिछले वित्तिय वर्ष के दौरान माल ढुलाई को पीछे छोड़ दिया है। इतना ही नहीं मालगाड़ी की औसत रफ्तार भी बढ़ी। पैसेंजर ट्रेन नहीं चलने की स्थिति में मालगाड़ी की औसत रफ्तार 47.7 किलोमीटर प्रतिघंटा तक पहुंच गई जबकि पिछले साल फरवरी महीने में मालगाड़ियों की औसत रफ्तार करीब 23 किलोमीटर प्रतिघंटा दर्ज की गई थी। माल ढुलाई के साथ रेलवे की कमाई भी जमकर हुई।
बीते महीने रेलवे ने माल ढुलाई से 11096.89 करोड़ रुपए अर्जित किया जो कि पिछले वर्ष की इसी अवधि में 10305.02 करोड़ रुपए था। इस तरह पिछले साल की तुलना में रेलवे ने 7.7 प्रतिशत अधिक कमाई की। 28 फरवरी को रेलवे ने माल ढुलाई से 509.44 करोड़ रुपये कमाई की जो कि पिछले साल इसी दिन की कमाई से 34 प्रतिशत अधिक रहा।
केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि भारतीय रेल ने कोरोना की चुनौतियों के बावजूद 110 करोड़ टन मालगाड़ी से माल की ढुलाई की है। इस तरह से पिछले वित्तिय वर्ष की समान अवधि के सभी आकड़े को पीछे छोड़ दिया है।