रेलवे न केवल मालगाड़ी चलाकर खाद्य पदार्थ एक से दूसरी जगह पहुंचाने का काम कर रहा है, बल्कि गरीबों को भोजन कराने में भी पीछे नहीं है। गरीबों, बच्चों, कुलियों, प्रवासी मजदूरों, फंसे हुए व्यक्तियों और रेलवे स्टेशनों या आसपास भोजन की तलाश में आने वालों को भोजन वितरित किया जा रहा है।
रेलवे स्टेशनों से कुछ दूरी पर रहने वाले लोगों को भी खाना खिलाया जा रहा है। रेलवे ने अब तक 10 लाख से अधिक लोगों का पेट भरने का काम किया है। आईआरसीटीसी के इस प्रयास की तारीफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी की है।
रेलवे के विभिन्न संगठनों आईआरसीटीसी, आरपीएफ, जोनल रेलवे आदि के कर्मचारी लॉकडाउन के बाद से ही जरूरतमंदों को गर्म पका हुआ भोजन उपलब्ध करा रहे हैं। आईआरसीटीसी बेस किचनों, आरपीएफ संसाधनों और एनजीओ के योगदान से बड़ी मात्रा में पका हुआ भोजन, पेपर प्लेट के साथ लंच के लिए और खाद्य पैकेट डिनर के लिए दे रहा है।
10 लाख में से 60 प्रतिशत पका भोजन आईआरसीटीसी ने बांटा है। रेलवे पुलिस ने अपने संसाधनों से लगभग 2.3 लाख, गैर-सरकारी संगठनों ने लगभग 2 लाख को भोजन दिया है। आईआरसीटीसी के कर्मचारियों ने पीएम-केयर फंड में 20 करोड़ रुपये भी दिए है।