नई दिल्ली। सौर ऊर्जा उत्पादन के लिए रेलवे ने मेगा योजना तैयार की है। रेलवे ने 51 हजार हेक्टेयर खाली भूमि पर 20 गीगा वॉट सौर बिजली उत्पन्न करने की योजना तैयार की है। इससे भारतीय रेलवे 2030 तक 33 बिलियन यानी 33 सौ करोड़ यूनिट से अधिक ऊर्जा खपत को पूरा करेगा। वर्तमान वार्षिक खपत 20 बिलियन यूनिट है। इस तरह मेगा योजना के तहत रेलवे ‘ग्रीन मोड’ में आ जाएगा।
इस योजना के तहत 2030 तक सारी खाली पड़ी जमीन पर सोलर पैनल लगाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ 2023 तक रेलवे ट्रैक 100 प्रतिशत विद्युतीकृत हो जाएगा। रेलवे की पीएसयू ऊर्जा प्रबंधन कंपनी लिमिटेड ने पार्सल की खाली भूमि पर भी सौर पैनल लगाने के लिए निविदा जारी की है।
रेलवे ने वाराणसी, नई दिल्ली, पुरानी दिल्ली, जयपुर, सिकंदराबाद, कोलकाता, गुवाहाटी, हैदराबाद, हावड़ा समेत 960 से अधिक स्टेशनों को सौर ऊर्जा से लैस कर दिया है। 550 नये स्टेशनों से 198 मेगावाट सौर ऊर्जा का उत्पादन भी शुरू हो जाएगा।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार इस योजना से शून्य कार्बन उत्सर्जन के लक्ष्य को प्राप्त करने के साथ ही सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा मिलेगा। पिछले दिनों प्रमुख सौर ऊर्जा डेवलेपर्स के साथ बैठक कर शून्य कार्बन उत्सर्जन का खाका तैयार किया गया। अतिक्रमित भूमि पर सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने के लिए डेवलपर्स को रेलवे की तरफ से मदद का भी आश्वासन मिला है।