टीकरी बॉर्डर पर किसानों की सेवा में अब पंजाब की मशहूर सरदार जी बख्स कॉफी का स्टॉल भी लग गया है जहां रोजाना लगभग 10 हजार कप कॉफी तैयार कर किसानों को पिलाई जा रही है। किसान आंदोलन में भी कॉफी की क्वालिटी से किसी तरह का समझौता नहीं किया गया है जिसे पीने के लिये यहां पर लंबी लाइन लग रही है।
बाजार में सरदार जी बख्स कॉफी के एक कप की कीमत अमूमन 150 से 280 रुपये तक है। टीकरी बॉर्डर पर किसानों के लिये इस ब्रांड की कॉफी का स्टॉल नौजवान किसान सहायता केंद्र की ओर से लगाया गया है। पंजाब विश्वविद्यालय से विधि की पढ़ाई पूरी कर चुके पुरा छात्र व नौजवान किसान सहायता संगठन के कार्यकर्ता गुरजोत सिंह संधू ने बताया कि रोजाना कॉफी के लिये लगभग 5 कुंतल दूध की खपत हो रही है।
कॉफी के स्वाद और गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया गया है। गुरजोत एनएसयूआई से भी जुड़े हुए हैं। चंडीगढ़ हाईकोर्ट में वह वकालत की प्रैक्टिस भी करते हैं। मौजूदा समय किसानों की सेवा करने के लिये उनके जैसे दो दर्जन और नौजवान साथी टीकरी बॉर्डर पर मौजूद हैं। जिसमें डॉक्टर, चार्टर्ड एकाउंटेंट, शिक्षकों के साथ-साथ दूसरे पेशों से जुड़े नौजवान भी शामिल हैं।
नौजवान किसान सहायता संगठन के एक अन्य सहयोगी डॉक्टर अमन त्यागी ने कहा कि आम लोग ब्रांडेड सामान खरीद कर इस्तेमाल कर सकते हैं, ब्रांडेड खाना खा सकते हैं तो किसानों को भी ब्रांडेड सामान खाने पीने का हक है। हम सभी कही न कहीं किसान परिवार से संबंध रखते हैं। इसलिये किसानों के लिये ब्रांडेड कॉफी का बंदोबस्त किया गया है। रोजाना सुबह से शाम तक यहां पर कॉफी की चुस्की लेने के लिये लोगों की भीड़ लगी रहती है।