20 जुलाई को संसद मार्च की अपील, शिवसेना (यूबीटी) सांसद अरविंद सावंत और सुभाषिनी अली ने जताया समर्थन
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। बारिश के बावजूद जंतर मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का धरना बृहस्पतिवार को 20वें दिन भी जारी रहा। प्रदर्शनकारी तिरपाल के सहारे धरनास्थल पर डटे रहे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे।
धरने के समर्थन में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल 12वें दिन भी जारी रही। वहीं, भूख हड़ताल पर बैठे छात्र हरिकेश की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के अनुसार, भूख हड़ताल का असर सोनम वांगचुक और अन्य अनशनकारियों की सेहत पर पड़ रहा है। सोनम वांगचुक का अब तक 7 किलो से ज्यादा वजन घटा है। सोनम वांगचुक ने सीजेपी समर्थकों से 20 जुलाई को दिल्ली पहुंचने की अपील की है। उन्होंने बताया कि संसद के मानसून सत्र की शुरुआत के दिन जंतर मंतर से संसद तक शांतिपूर्ण मार्च निकालने की योजना है। बृहस्पतिवार को शिववसेना (यूबीटी) के सांसद अरविंद सावंत और वामपंथी नेता सुभाषिनी अली भी जंतर मंतर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने छात्रों के आंदोलन के प्रति अपना समर्थन जताया। इस दौरान अरविंद सावंत ने बताया कि देश की परीक्षा व्यवस्था लगातार सवालों के घेरे में है और बार-बार हो रहे पेपर लीक के लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय होनी चाहिए। वहीं, सुभाषिनी अली ने भी छात्रों, अभिभावकों और युवाओं के साथ एकजुटता जताते हुए कहा कि लगातार हो रहे पेपर लीक से लाखों विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग का समर्थन किया।