नई दिल्ली। शाहीन बाग में जिस स्थान पर एक महीने से ज्यादा समय से प्रदर्शन चल रहा है, वहां अब माहौल मेले जैसा दिख रहा है। बीच सड़क पर प्रदर्शन कर रहे लोगों को देखने आने वालों की भीड़ को देखते हुए चाट से लेकर पॉपकॉर्न तक के ठेले लग गए हैं। तिरंगा टोपी 20 रुपये में बिक रही है। खुद को अलग दिखाने के लिए कुछ प्रदर्शनकारी चेहरे पर 50 रुपये में टेटू बनवाकर सेल्फी लेते नजर आए। उधर, प्रदर्शन के कारण इलाके के तमाम मॉल और दुकानें बंद पड़ी हैं और कारोबार पूरी तरह ठप है।
सीएए के खिलाफ सड़क घेरकर बैठे लोगों के कारण कालिंदी कुंज से नोएडा आने-जाने वालों को भीषण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इधर, प्रदर्शनकारी चाट-पकौड़े का लुत्फ उठा रहे हैं। रोड पर बच्चे क्रिकेट खेल रहे हैं तो बड़े ठेलों पर बिरयानी का स्वाद ले रहे हैं। प्रदर्शन में जुटे लोग भी इन ठेलों पर खूब आते हैं। प्रदर्शन में महिलाओं के साथ बड़ी संख्या में पुरुष भी पहुंच रहे हैं। रात को महिलाएं टेंटों में बैठी दिखती हैं। यहां कई सेल्फी प्वाइंट भी बन गए हैं।
तिरंगे से सजी टोपी और अन्य सामान बेचने वाले शाह आलम बताते हैं कि वे रोज 400 से 600 का सामान बेच रहे हैं। इससे पहले वे अन्ना आंदोलन में भी तिरंगे से जुड़े सामान बेचकर काफी कमाई कर चुके हैं। कई अन्य दुकानदार भी रोज 500 रुपये तक कमा रहे हैं। उनका कहना है कि सड़क शुरू होने के बाद वे फिर से गली-मोहल्लों में दुुकान लगाने चले जाएंगे।
उधर, यह सड़क बंद होने से दक्षिण दिल्ली के लोगों को नोएडा जाने में भारी असुविधा हो रही है। पुलिस बंद पड़ी सड़क को खाली कराने के लिए व्यापारिक संगठनों, धार्मिक नेताओं और समुदाय के नेताओं से लगातार बातचीत कर रही है, लेकिन प्रदर्शनकारियों पर उसका कोई असर नहीं पड़ा है।
सड़क पर 30 फीट का भारत का नक्शा किया खड़ा
प्रदर्शनकारियों ने यहां भारत का एक 30 फीट का नक्शा खड़ा कर दिया है। इस काम में कारीगरों को करीब दस दिन लगे हैं। प्रदर्शन को देखने आने वाले लोग इसके सामने खड़े होकर फोटो खिंचवा रहे हैं।
तिरंगे की वेशभूषा में बच्चों को ला रहे
यहां आने वाले लोगों में से कुछ कड़ाके की ठंड में भी अपने मासूम बच्चों को तिरंगे की वेशभूषा में तैयार कर ला रहे हैं। कार के ऊपर एक चार साल की बच्ची को तिरंगा हाथ में लेकर खड़ी देख काफी लोगों ने मोबाइल से उसकी तस्वीर ली।