सीएए के खिलाफ मार्च निकालते विद्यार्थी।
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नई दिल्ली। शाहीन बाग और जामिया मिल्लिया के अलावा यमुनापार में छह जगह चल रहे सीएए विरोधी प्रदर्शन में महिलाओं का साथ देने के लिए छात्र पहुंच गए हैं। वे व्यवस्था बनाए रखने के अलावा पोस्टर-बैनर बनाने में जुटे हैं। जामिया और शाहीन बाग के बाद सबसे अधिक महिलाएं उत्तर-पूर्वी दिल्ली के चांद बाग में जुट रही हैं। कानून-व्यवस्था के हालात पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की नजर है। सभी धरना स्थलों के पास स्थानीय पुलिस के अलावा अर्धसैनिक बलों के जवानों को तैनात किया गया है।
खजूरी खास की श्रीराम कॉलोनी में लोगों ने पुश्ता रोड की ढलान पर आधी सड़क को घेर लिया है। आधी सड़क पर ट्रैफिक निकाला जा रहा है। चांद बाग में हजारों महिलाएं वजीराबाद रोड की सर्विस रोड पर टेंट लगाकर बैठ गई हैं। उत्तर-पूर्वी दिल्ली के मुस्तफाबाद, कर्दमपुरी और जाफराबाद में भी विरोध प्रदर्शन जारी है। खुरेजी में प्रदर्शन स्थल के पास लोगों ने करीब 60 फुट लंबा तिरंगा झंडा सड़क के एक ओर से दूसरी ओर तक लगाया है। प्रदर्शन स्थल के गेट की एंट्री पर प्रतीकात्मक इंडिया गेट बनाया गया है। सोमवार को नेशनल काउंसिल फॉर चर्चेस के अध्यक्ष फादर इब्राहिम व सिस्टर ज्योति समर्थन देने पहुंचे।
सुबह पढ़ी जाती है संविधान की प्रस्तावना
विरोध प्रदर्शन में छात्र सुबह आम लोगों और महिलाओं को संविधान की प्रस्तावना पढ़ाते हैं। इसके बाद राष्ट्रगान गाया जाता है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि प्रदर्शन राजनीतिक नहीं है। इसलिए किसी भी पार्टी के नेता को नहीं बुलाया जाता। किसी पार्टी का नेता आ भी जाए तो मंच साझा नहीं कराया जाता।