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कैंपस : डीयू सीयूसीईटी के लिए कोचिंग संस्थानों ने तैयार किए कार्यक्रम

Mon, 14 Feb 2022 04:48 AM IST
दुष्यंत शर्मा रश्मि शर्मा, नई दिल्ली

सार

इस साल स्नातक कोर्सेज में दाखिले के लिए प्रवेश परीक्षा आयोजित होगी।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दिल्ली विश्वविद्यालय में आगामी शैक्षणिक सत्र में सभी स्नातक कोर्सेज में दाखिले के लिए सेंट्रल यूनिवर्सिटी कॉमन एंट्रेस टेस्ट (सीयूसीईटी) आयोजित होना है। प्रवेश परीक्षा की संरचना क्या होगी और इसका मूल्यांकन कैसे होगा इस पर कोई स्पष्टता नहीं है। अब कई कोचिंग संस्थानों ने इसकी तैयारी कराने के लिए अपने-अपने ऑनलाइन कार्यक्रम तैयार करने शुरू किए हैं। कोचिंग संस्थानों की ओर से विज्ञापन भी जारी किए जाने लगे हैं।

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कई अन्य संस्थान मार्च से इसके लिए कक्षाएं शुरू कर देंगे। सीयूसीईटी नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की ओर से आयोजित किया जाता है। इस बार डीयू ने भी इसी प्रवेेश परीक्षा से दाखिले देने का फैसला लिया है। ऐसेे में अब छात्रों को इस प्रवेश परीक्षा के लिए भी कोचिंग की आवश्यकता होगी। करियर लांचर, बायजू और आकाश जैसे बड़े कोचिंग संस्थानों ने इस प्रवेश परीक्षा की तैयारी कराने को लेकर कार्यक्रम तैयार कर लिए हैं जबकि कुछ अन्य छोटे संस्थान भी अपने-अपने ऑफर लेकर आ रहे हैं। फिलहाल संस्थान मौजूदा सीयूसीईटी परीक्षा के प्रारूप का पालन ही कर रहे हैं। कई संस्थानों ने जहां इसकी तैयारी करवानी शुरू कर दी है, जिनमें कुछ ने योग्यता, तर्क और सामान्य ज्ञान पर ध्यान केंद्रित किया है।

संस्थानों के पास छात्रों की ओर से परीक्षा को लेकर काफी सवाल आ रहे हैं। संस्थानों ने इसके लिए पैकेज भी तैयार किए हैं। करियर लांचर सीयूसीईटी के लिए ऑनलाइन लाइव लेक्चर कोचिंग, सीयूसीईटी एक्सप्रेस क्लासरूम और सीयूसीईटी टेस्ट सीरीज कार्यक्रम बनाए गए हैं। कुछ संस्थान छात्रों को डेमो क्लास भी दे रहे हैं। संस्थान छोटे-छोटे ग्रुप के साथ कक्षाएं शुरू कर रहे हैं।
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आकाश एजुकेशनल सर्विस लिमिटेड के प्रबंध निदेशक आकाश चौधरी के अनुसार, सीयूसीईटी के लिए क्रैश कोर्स, टेस्ट सीरीज, मॉक टेस्ट, क्वेश्चन आंसर-की तैयार की है। सभी कक्षाएं वर्चुअल होंगी। यह खासकर बारहवीं में साइंस की पढ़ाई करने वालों के लिए है। क्रैश कोर्स में 290 शिक्षण घंटे होंगे। उन्होंने कहा कि विषय विशेषज्ञों द्वारा ऑनलाइन कक्षाएं, अभ्यास पुस्तिकाएं, संदेह समाधान सत्र न केवल छात्रों को तैयारी करने में मदद करेंगे।बल्कि समय प्रबंधन में भी सहायता करेंगे।

‘ग्रामीण पृष्ठभूमि वाले छात्र कोचिंग वहन नहीं कर सकेंगे’
डीयू के पूर्व कार्यकारी परिषद सदस्य डॉ. राजेश झा ने कहा कि हम सीयूसीईटी का पहले से विरोध इसलिए कर रहे हैं कि एक तो इससेे कोचिंग इंडस्ट्री को बढ़ावा मिलेगा, वहीं  संपन्न व अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई किए हुए बच्चे ही कोचिंग संस्थानों की भारी भरकम फीस वहन कर सकेंगे। ग्रामीण पृष्ठभूमि वाले छात्र कोचिंग का खर्च वहन नहीं करने से डीयू में दाखिले से वंचित होंगे।

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