दिल्ली सरकार की नेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी (एनएसएयूटी) में नए सत्र से प्रोडक्ट डिजाइन कोर्स की शुरुआत होगी। इसके लिए विश्वविद्यालय की ओर से खाका तैयार कर लिया गया है। शुरुआती चरण में कोर्स को फैशन टेक्नोलॉजी के साथ जोड़ा जा रहा है। इसके तहत 60 सीटों का निर्धारण किया गया है। बाद में छात्रों की रुचि को देखते हुए इसे अलग किया जा सकता है।
विश्वविद्यालय के डिजाइन विभाग के प्रोफेसर विजंयत अग्रवाल ने बताया कि छात्रों को कुछ नया देने के लिए इस कार्स को नए सत्र से शुरू करने की योजना है। कोर्स की अवधि चार वर्ष की होगी। हालांकि, इसके लिए विश्वविद्यालय की ओर से प्रवेश परीक्षा की आयोजन नहीं किया जाएगा बल्कि अन्य प्रवेश परीक्षाओं के माध्यम से दाखिला दिया जाएगा।
राष्ट्रीय, राज्यीय व स्कूल स्तर के अंकों के आधार पर मिलेगा दाखिला
बैचलर ऑफ डिजाइन में दाखिले के लिए छात्रों को अंडरग्रेजुएट कॉमन एंट्रेंस एग्जाम फॉर डिजाइन (यूसीइइडी) देना होगा। इसके अलावा छात्र राज्य स्तर पर भी परीक्षा दे सकते हैं। इसके लिए विश्वविद्यालय संबंधित राज्य की परीक्षा को दाखिले का आधार बनाएगा। यदि इसके बाद भी सीटें खाली रह जाती हैं तो छात्रों को 12वीं में प्राप्त अंकों के हिसाब से दाखिला दिया जाएगा। डिजाइन से जुड़े प्रोफेसर ने बताया कि शुरुआत में इसमें सीमित सीटों की संख्या रखी गई है। बाद में कोर्स की सफलता को देखते हुए इसे फैशन टेक्नोलॉजी से अलग किया जाएगा।
अपने उद्यम भी शुरू कर सकेंगे छात्र ः डिजाइन कोर्स को इस तरह से तैयार किया गया है कि भविष्य में छात्र अपना उद्यम भी शुरू कर सकते हैं। इसके लिए इसमें मैनेजमेंट एंड आंत्रप्रेन्योर्शिप विषय शामिल हैं, जिसमें एचआर मैनेजमेंट, सप्लाई चेन एंड लॉजिस्टिक्स, डिजिटल प्रोडक्स मैनेजमेंट, ब्रांड मैनेजमेंट, डाटा एनालिटिक्स फॉर मैनेजर, स्ट्रैटेजिक मैनेजमेंट व मैनेजिंग लग्जरी ब्रांड शामिल हैं। डिजाइन कोर्स से जुड़े प्रोफेसरों का कहना है कि इसके माध्यम से उन छात्रों को मदद मिलेगी जो कोर्स को पूरा करने के बाद अपना उद्यम शुरू करना चाहते हैं। यही वजह है कि कोर्स मे उपरोक्त विषयों को शामिल किया गया है।
उत्पादों का मूल डिजाइन सीख सकेंगे छात्र
प्रोफेसर ने बताया कि उत्पादों को लेकर डिजाइन बनाने के लिए इसमें कई विषयों को शामिल किया गया है, जिसमें डिजाइन के मूल, डिजाइन के विचार, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, कैड, कंप्यूटर ग्राफिक्स, प्रोग्रामिंग, इर्गोनॉमिक्स, रंग, ग्राफिकल यूजर इंटरफेज, रोबोट व ड्रोन का डिजाइन व गार्मेंट डिजाइन प्रमुख रूप से शामिल हैं।