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उत्तर पुस्तिका अपलोड करने की समस्या दूसरे दिन भी नहीं हुई दूर

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नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय के अंतिम वर्ष के छात्रों के लिए शुरू हुई ओपन बुक एग्जामिनेशन (ओबीई) का दूसरा दिन भी छात्रों के लिए परेशानी भरा रहा। उत्तर पुस्तिका भेजने में दिक्कत दूसरे दिन भी रही। इस कारण पचास फीसदी से अधिक छात्रों ने ईमेल से अपनी उत्तर पुस्तिका भेजी। उन्हें नहीं पता चल रहा कि उनकी उत्तर पुस्तिका पहुंची है या नहीं। जो निर्धारित समय में भेज रहे हैं उन्हें दिक्कत नहीं हो रही।
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यूजी-पीजी के अंतिम वर्ष के छात्रों के लिए दूसरे दिन भी परीक्षा तीन स्लॉट में हुई। दूसरे दिन लगभग 30 हजार से अधिक से छात्र परीक्षा में बैठे। अंतिम वर्ष की एक छात्रा गौरिका ने कहा कि उन्होंने पेपर पूरा करने के बाद जब उसे अपलोड करना चाहा तो वह नहीं हुआ तब उन्होंने उसे ईमेल से भेजा। लेकिन उन्हें यह कंर्फमेंशन नहीं मिला कि उनका पेपर पहुंचा है या नहीं।
वहीं, छात्रा मैत्रेयी ने कहा कि डीयू पोर्टल परीक्षा के अंतिम समय में क्रैश हो गया। यह काफी तनावपूर्ण था। लगभग आधे घंटे बाद वह किसी तरह से अपने पेपर को ईमेल से भेजने में कामयाब हो सकी। एक छात्र अनिकेत ने कहा कि उन्होंने पोर्टल पर उत्तर पुस्तिका तो भेज दी लेकिन उन्हें कंफर्मेशन नहीं मिला इस कारण वह चिंता में हैं कि उनकी उत्तर पुस्तिका पहुंची है या नहीं।
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अंतिम वर्ष के एक छात्र अंकित ने कहा कि उनकी परीक्षा के प्रश्न पत्र में समय सीमा 2 घंटे की दी गई थी जबकि परीक्षा का समय 4 घंटे है इससे वह असमंजस में रहे। एसओएल के कुछ छात्रों ने यह भी कहा है कि उनका प्रश्न पत्र केवल अंग्रेजी भाषा में दिया गया था और हिंदी में उपलब्ध नहीं करवाया गया।
कुछ छात्रों को इंटरनेट की अनुपलब्धता के कारण भी परेशानी हुई। खासकर बाढ़ प्रभावित इलाकों से परीक्षा दे रहे छात्र काफी परेशान हैं। छात्र संगठन क्रांतिकारी युवा संगठन के सदस्य नलिनी के अनुसार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में फंसे छात्र पोर्टल से तो दूर अपने ईमेल से भी उत्तर पुस्तिका भेजने में कामयाब नहीं हो रहे।
काफी छात्रों की शिकायत रही कि उत्तर पुस्तिका स्कैन कर अपलोड करने में काफी समय की बर्बादी हुई। हेल्पलाइन से भी हेल्प नहीं मिली और अधिकतर समय वह बिजी रही। वहीं जम्मू कश्मीर और नॉर्थ ईस्ट के राज्यों के छात्रों की ओर से भी काफी शिकायतें मिलीं। इंटरनेट की स्पीड कम होने के कारण भी छात्र अपने उत्तर अपलोड नहीं कर पा रहे हैं।
ओपन बुक एग्जाम से जुड़े एक अधिकारी ने कहा कि ऐसा लग रहा है कि छात्र तीन घंटे एग्जाम की जगह चार घंटे का इस्तेमाल कर रहे हैं। छात्रों को एक घंटा अपलोड व स्कैनिंग व तीन घंटे परीक्षा के लिए दिए गए हैं। छात्र चार घंटे में पेपर करके फिर उसे अपलोड कर रहे हैं। इस कारण हो सकता है दिक्कत हो रही हो। जो छात्र निर्धारित समय में पुस्तिका अपलोड कर रहे हैं उन्हें दिक्कत नहीं हो रही।
राजधानी कॉलेज में शिक्षक डॉ पंकज गर्ग कहते हैं कि छात्रों को अलग-अलग प्रश्नों का उत्तर देकर भी पीडीएफ बनाकर भेजने की सुविधा है। लेकिन छात्रों के पास एक ही बार कंफर्मेशन आ रहा है। इससे वह परेशान हैं। पोर्टल पर उत्तर पुस्तिका अपलोड नहीं होने पर उन्हें जो ईमेल मिल रहा है उस पर भेज रहे हैं। इससे डुप्लीकेशन बहुत हो रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तर पुस्तिका मिलने पर डीयू को कंफर्म करना चाहिए।
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