नई दिल्ली। भारत छोड़ो आंदोलन की 78 वीं वर्षगांठ पर रविवार को हौज काजी में राष्ट्रीय ध्वज फहराने वालों के खिलाफ दर्ज एफआईआर को दिल्ली कांग्रेस ने लोकतंत्र की आवाज कुचलने की सरकार की कोशिश करार दिया है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अनिल कुमार ने आरोप लगाया कि पूर्व के ब्रिटिश आकाओं की तरह केंद्र सरकार के इशारे पर ऐसा व्यवहार किया गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस का रवैया पार्टियों के मुताबिक बदल जाता है। भाजपा या आम आदमी पार्टी की ओर से सड़कों पर किए गए धरने और प्रदर्शन करने पर दिल्ली पुलिस उन्हें छूने की हिम्मत भी नहीं करती। प्रदेश कार्यालय में पूर्व दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जय प्रकाश अग्रवाल के साथ संवाददाताओं को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष ने ये आरोप लगाए।
प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि केंद्र के इशारे पर दिल्ली पुलिस भेदभाव तरीके से कांग्रेस नेताओं से पेश आ रही है। हर साल की तरह कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जब अगस्त क्रांति दिवस पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया तो सात-आठ नेताओं सहित अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।
इनमें प्रदेश अध्यक्ष अनिल कुमार, जयप्रकाश अग्रवाल, मुदित अग्रवाल, मो. उस्मान, कंवर करण सिंह, राजेश जैन, सतबीर शर्मा, आकांक्षा ओला और महमूद जिया के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज करवाई गई। हालांकि उस वक्त न तो राजेश जैन और न ही आकांक्षा ओला मौजूद थीं।