कोरोना वायरस से बुजुर्गों को बचाने के लिए दिल्ली स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर संपर्क में जुटी हुई हैं। मंगलवार को पूर्वी दिल्ली की टीम ने कुछ बुजुर्गों को उनके घर जाकर वैक्सीन की एहतियाती खुराक दी जो केंद्र तक आने में असमर्थ थे।
सोमवार से राजधानी में स्वास्थ्यकर्मी, फ्रंटलाइन वर्कर और पहले से बीमार 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को एहतियाती खुराक दी जा रही है। पहले दिन 18,858 लोगों को खुराक दी गई थी, जबकि मंगलवार को 20 हजार से अधिक लोगों को वैक्सीन दी गई। इस तरह दो दिन में 41,137 लोगों को एहतियाती खुराक दी चुकी है।
इनके अलावा 15 से 17 वर्ष के किशोरों का टीकाकरण भी काफी तेजी से बढ़ रहा है। तीन जनवरी से अब तक 3.52 लाख किशोरों को वैक्सीन दी गई है। उधर, दिल्ली में करीब 35 फीसदी किशोर एक सप्ताह में वैक्सीन की पहली खुराक हासिल कर चुके हैं। इन्हें 28 दिन के अंतराल में दो खुराक वाली कोवाक्सिन दी जा रही है।
दिल्ली के कल्याणपुरी निवासी रामप्रसाद ने बताया कि उनकी आयु 65 वर्ष है और मधुमेह, उच्च रक्तचाप के अलावा किडनी से जुड़ी बीमारी है। बीते दिनों उन्होंने जब अपने डॉक्टर से वैक्सीन की तीसरी खुराक के बारे में बात की तो उन्होंने इसे लेने की सलाह दी थी। इस पर वह टीकाकरण केंद्र तक पहुंचे और अपनी दो खुराक का सर्टिफिकेट दिखाकर एहतियाती खुराक हासिल की।
उनकी पत्नी विमला देवी भी साथ में थीं और उन्होंने भी एहतियाती खुराक ली। दोनों को कोविशील्ड वैक्सीन की एहतियाती खुराक मिली है क्योंकि इससे पहले दोनों यही खुराक ले चुके हैं। राम प्रसाद ने बताया कि वे 10 जनवरी को ही यह खुराक लेने वाले थे लेकिन उन्हें समय नहीं मिल पाया।
उन्होंने लोगों से भी अपील की है कि जिन्हें पहले से कोई न कोई परेशानी है, वह किसी भी पल का इंतजार न करें। घर के नजदीक किसी भी केंद्र पर जाकर वैक्सीन हासिल कर लें। रामप्रसाद ने बताया कि कल्याणपुरी क्षेत्र में ही काफी लोग कोरोना संक्रमित मिल चुके हैं और वह बहुत जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकल रहे हैं।