फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रिपोर्ट: देश में सबसे ज्यादा मोटापा पांडिचेरी, केरल और दिल्ली में, आईसीएमआर ने जीवनशैली सुधारने की दी नसीहत

Wed, 28 Jul 2021 09:56 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

आईसीएमआर ने एक दिन पहले इंसुलिन की खोज होने के 100 वर्ष पूरे होने पर इंसुलिन शताब्दी संगोष्ठी का आयोजन किया था। इस दौरान आईसीएमआर और इंडियाबी के अध्ययन को भी प्रस्तुत किया गया जिसके अनुसार देश में मोटापा सबसे ज्यादा पांडिचेरी, केरल और दिल्ली की आबादी में है। 
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : फाइल फोटो
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

भागदौड़ भरी जिंदगी और तनाव से जूझते दिल्ली वालों को मोटापा बीमार कर रहा है। नई दिल्ली स्थित भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने एक अध्ययन के जरिए यह चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही दिल्ली के लोगों ने अपनी जीवनशैली में बदलाव नहीं किए तो आगामी साल या महीने उन्हें काफी बीमार बना सकते हैं। 

विज्ञापन


आईसीएमआर ने एक दिन पहले इंसुलिन की खोज होने के 100 वर्ष पूरे होने पर इंसुलिन शताब्दी संगोष्ठी का आयोजन किया था। इस दौरान आईसीएमआर और इंडियाबी के अध्ययन को भी प्रस्तुत किया गया जिसके अनुसार देश में मोटापा सबसे ज्यादा पांडिचेरी, केरल और दिल्ली की आबादी में है। अध्ययन में बताया कि तीन राज्यों में मोटापे का उच्चतम प्रसार पांडिचेरी (45.9), केरल (43.6) और दिल्ली में 41.8 फीसदी मोटापा मिला है। 

संगोष्ठी के दौरान दिल्ली एम्स के वरिष्ठ डॉ. निखिल टंडन ने कहा कि मोटापा के चलते लोगों में मधुमेह और उच्च रक्तचाप जैसी समस्याएं भी बढ़ रही हैं। इनकी वजह से न सिर्फ दिल बल्कि कई तरह की दिक्कतें हो सकती हैं। उन्होंने बताया कि मोटापे का असर लंबे समय बाद पता चलता है। अगर इसमें सुधार नहीं होता है तो आगामी सालों में अस्पतालों पर मरीजों का भार कई गुना अधिक हो सकता है। अध्ययन के अनुसार देश में मधुमेह रोगियों की संख्या शहरी आबादी में 13.3 फीसदी है। जबकि 7.8 ग्रामीण आबादी मधुमेह ग्रस्त है। वहीं मोटापा की बात करें तो शहरी आबादी में 37 और ग्रामीण में 22.8 फीसदी होने की आशंका है। 

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें