वन महोत्सव पखवाड़ा 2022 के समापन के मौके पर असोला भट्टी माइंस वन्यजीव अभयारण्य में एक लाख पौधे लगाने के अभियान की शुरुआत की गई। कार्यक्रम में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को गेस्ट ऑफ ऑनर के रूप में उपस्थित होना था और दिल्ली सरकार में पर्यावरण और वन मंत्री गोपाल राय को समारोह की अध्यक्षता करनी थी, लेकिन ये दोनों ही कार्यक्रम में उपस्थित नहीं रहे।
कार्यक्रम में उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना के साथ दिल्ली पुलिस आयुक्त राकेश अस्थाना, दक्षिणी दिल्ली के सांसद रमेश बिधूड़ी, मुख्य सचिव नरेश कुमार, अतिरिक्त मुख्य सचिव, वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, अर्धसैनिक बलों के जवानों, दिल्ली पुलिस और और 400 से अधिक स्कूली बच्चों ने पौधे लगाए। इस दौरान देशी प्रजातियों के मोरिंगा, अर्जुन, शीशम, सागौन, चेंबू, बांस जैसे पौधों के साथ-साथ जामुन और अमरूद जैसे फल देने वाले पौधों की रोपाई की गई।
एलजी सक्सेना ने राजधानी दिल्ली में एक साथ एक लाख पौधे रोपने के इस कार्यक्रम को एतिहासिक बताया है। उन्होंने कहा कि ये पौधे दिल्ली में अनियंत्रित प्रदूषण के गंभीर खतरे का सामना करने और पारिस्थितिकी की रक्षा करने में योगदान देंगे। इस दौरान उन्होंने स्कूली बच्चों के साथ बातचीत करते हुए युवाओं और स्कूली बच्चों से दिल्ली को हरा-भरा और वास्तविक रूप से रहने योग्य शहर बनाने के लिए पौधे लगाने और उनका पोषण करने की अपील की।
उपग्रह दृश्यता के साथ पौधों की निगरानी होगी
पौधरोपण अभियान की खासियत ये है कि यहां पौधे लगाने के लिए खोदे गए एक लाख गड्ढों में से प्रत्येक की जियो टैगिंग की गई है। ताकि इनकी उपग्रह दृश्यता के साथ-साथ इनका भौतिक सत्यापन किया जा सके और इन पौधों की वृद्धि की नियमित रूप से निगरानी की जा सके। जियो टैग के माध्यम से इनकी संख्या, वृद्धि और रखरखाव पर नजर रखी जाएगी।
प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण को दुनिया ने स्वीकारा : उपराज्यपाल
उप राज्यपाल सक्सेना ने देश के समावेशी विकास के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि मरुस्थलीकरण को रोकने और बंजर भूमि को बहाल करने के प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण को दुनिया के अधिकांश देशों ने स्वीकार किया है।