जैतपुर थाने की पुलिस ने बुजुर्ग महिला की अर्थी को दिया कंधा
- फोटो : amar ujala
जैतपुर इलाके में रहने वाले बुजुर्ग जसपाल सिंह बीमार पत्नी की मौत के बाद उसके शव के पास बैठे थे। पास के कमरे में ही मानसिक रूप से बीमार बेटा भी अपनी मां के शव को टकटकी लगाए देख रहा था। कोरोना संकट के दौर में कॉलोनी के लोगों ने अर्थी को कंधा देने से इनकार कर दिया। पत्नी की मौत से टूट चुके वृद्ध ने अंत में पुलिस से मदद मांगी। पुलिसकर्मियों ने अर्थी को कंधा देकर श्मशान पहुंचाया, तब अंतिम संस्कार हो सका।
साउथ ईस्ट जिले के डीसीपी आरपी मीणा ने बताया कि जैतपुर की धर्मशाला रोड स्थित लखपत कॉलोनी में जसपाल सिंह (66), पत्नी सुधा (62) और 26 वर्षीय बेटे के साथ रहते हैं। लंबी बीमारी के बाद रविवार रात पत्नी सुधा की मृत्यु हो गई।
जसपाल ने आसपास के लोगों से शव का अंतिम संस्कार करने के लिए मदद मांगी। लेकिन कोरोना संक्रमण के डर से कोई भी अर्थी को कंधा देने के लिए तैयार नहीं हुआ।
परेशान जसपाल ने जैतपुर एसएचओ को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। एसएचओ आनंद स्वरूप ने कांस्टेबल राहुल, रविकांत, प्रवीण, सुनील और धर्मेंद्र को मदद के लिए भेजा। इन पुलिसवालों ने सोमवार सुबह जसपाल के घर पहुंचकर अर्थी तैयार की। इसके बाद शव को श्मशान ले जाकर अंतिम संस्कार किया गया।