मध्य जिला पुलिस ने इंश्योरेंस पॉलिसी पर कैश बैक और क्रेडिट कार्ड में दूसरे फायदे देने के नाम पर साइबर ठगी करने वाले गिरोह भंडाफोड़ किया है। पुलिस का दावा है कि गिरोह के बदमाश उत्तम नगर में फर्जी कॉल सेंटर खोलकर बीते दो वर्ष में देशभर में एक हजार से ज्यादा लोगों से करोड़ों की ठगी कर चुके हैं।
मामले में युवती समेत पांच लोगों को बुधवार रात गिरफ्तार किया गया है। इनकी पहचान पवन सिंह (27), मोहम्मद जाहिद (22), कमल गोयल (23), बंटी कुमार (23) और राधा (25) के रूप में हुई है। आरोपियों के पास से ठगी के रुपयों से खरीदी गई एसयूवी, 10 मोबाइल, हजारों लोगों का डाटा व अन्य दस्तावेज मिले हैं। गिरोह के अन्य बदमाशों की तलाश जारी है। पुलिस को अभी तक देशभर से गैंग के खिलाफ 15 शिकायतें मिल चुकी हैं। बाकी पड़ताल जारी है।
मध्य जिला पुलिस उपायुक्त संजय भाटिया ने बताया कि दरियागंज निवासी विपिन भटनागर शख्स को आरोपियों ने कॉल की। आरोपियों ने खुद को बैंक का प्रतिनिधि बताकर उसके क्रेडिट कार्ड की कुछ डिटेल बताई। विपिन को 5000 रुपये का कैश बैक का झांसा देकर उससे ओटीपी और बाकी जानकारी लेकर करीब एक लाख रुपये अलग-अलग ई-वॉलेट में ट्रांसफर कर लिए गए।
विपिन ने फौरन क्रेडिट कार्ड को बंद करवाया। इसके बाद 18 अगस्त को मामले की सूचना दरियागंज थाना पुलिस को दी। पुलिस ने फौरन मामला दर्ज कर छानबीन शुरू की। टेक्निकल सर्विलांस की मदद से आरोपी गिरोह की पहचान कर ली गई। इसके बाद दिल्ली के अलग-अलग इलाकों से एक-एक कर सभी को दबोच लिया गया। पूछताछ में आरोपियों ने अपना गुनाह कबूल लिया। इन लोगों ने बताया कि यह देशभर के एक हजार से ज्यादा लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी कर चुके हैं।
बीटेक की पढ़ाई छोड़कर शुरू की ठगी
पवन सिंह और जाहिद गैंग के सरगना हैं। उत्तम नगर निवासी पवन बीटेक की पढ़ाई कर रहा था। दूसरे सेमेस्टर के बाद पढ़ाई छोड़ दी। बाद में कई कॉल सेंटर में नौकरी करने के दौरान उसे साइबर ठगी का पता चला। उसने कॉल सेंटर की नौकरी छोड़कर ठगी शुरू कर दी। नौवीं फेल जाहिद से उसकी वर्ष 2019 में मुलाकात हुई। जाहिद पांच सितारा होटल में पार्टी का आयोजन कराता था। दोनों ने साथ में मिलकर ठगी का काम शुरू किया। पवन को क्लब, डिस्को और पांच सितारा होटल जाने का शौक है। वह ठगी का सारा रुपया अय्याशी में उड़ाता था।
दो बैंकों के ग्राहकों का डिटेल जुटाया
पवन एसबीआई और एक्सिस बैंक के ग्राहकों की डिटेल जुटा लेता था। उत्तम नगर में खोले गए फर्जी कॉल सेंटर से 12वीं पास राधा और बंटी लोगों को कॉल कर उनकी जानकारी लेते थे। पवन, जाहिद और कमल फर्जी दस्तावेज पर सिम, बैंक खाते खोलते थे। उन सिम के जरिये ई-वॉलेट खोले जाते थे। जिनसे ठगी की रकम को दूसरे खातों में ट्रांसफर कर लिया जाता था। बाद में रकम को बांट लिया जाता था।