नई दिल्ली। दिल्ली सरकार अपने स्कूलों के शारीरिक शिक्षा के अध्यापकों को प्रशिक्षित करेगी। इसके लिए सरकार ने तीन सप्ताह के शारीरिक साक्षरता प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की है।
सोमवार को उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने शारीरिक साक्षरता प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इस मौके पर बैडमिंटन खिलाड़ी व कोच पुलेला गोपीचंद भी मौजूद थे। पुलेला गोपीचंद की संस्था ईएलएमएस स्पोर्ट्स फाउंडेशन के सहयोग से तीन सप्ताह के इस प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की गई। इसमें दिल्ली के सरकारी स्कूलों के एक हजार से अधिक शारीरिक शिक्षा के अध्यापक शामिल होंगे।
इस अवसर पर शिक्षकों को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि कोरोना महामारी के समय में छात्र कमरों तक सिमटकर रह गए हैं। ऐसे में शारीरिक शिक्षकों की भूमिका काफी बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि आज जब बच्चे घरों में हैं, तो शारीरिक शिक्षा बेहद जरूरी है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि यदि प्रत्येक शिक्षक इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में कुछ नया सीखने की कोशिश करें, तो दिल्ली की शिक्षा क्रांति में बड़ा योगदान दे पाएंगे।
इस अवसर पर पुलेला गोपीचंद ने अपने अनुभव बताते हुए कहा कि कोच हामिद हुसैन ने मुझे खेल से प्यार करना सिखाया। उन्होंने कहा कि भौतिकी और रसायन विज्ञान का तो पता नहीं, लेकिन शारीरिक शिक्षा से जीवन की मजबूत नींव रखी जा सकती है। उन्होंने कहा कि खेलकूद से बच्चे नियमों का पालन करना सीखते हैं।