फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गलत तरीके से मास्क लगाने के कारण बढ़ रहा है कोरोना संक्रमण, डॉक्टरों की सलाह नजरअंदाज

Wed, 23 Sep 2020 04:40 AM IST
नोएडा ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
विज्ञापन
बेपरवाही... - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए शुरुआत से ही मास्क लगाने की सलाह दी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक कोरोना की वैक्सीन नहीं आ जाती है, इससे बचाव का सबसे कारगर उपाय मास्क पहनना ही है, लेकिन देखा जा रहा है कि लोग इसे लगा तो रहे हैं, पर अपने अंदाज में। नतीजतन, लगातार संक्रमण के मरीज बढ़ रहे हैं।

विज्ञापन


एम्स के डॉक्टर विजय के मुताबिक, वायरस के कणों से बचाव के लिए जरूरी है कि मुंह व नाक पूरी तरह से ढके रहें, लेकिन लोग इसे सही प्रकार से नहीं लगा रहे हैं। लोग मास्क लगाते समय इसकी डोरियों को टाइट नहीं करते। कई बार गले पर मास्क लटका लेते हैं, तो कई बार ऊपरी डोरी बांधते हैं और नीचे की छोड़ देते हैं। कुछ लोग बार-बार मास्क नाक से खिसका देते हैं, जबकि ऐसा नहीं करना चाहिए।

मास्क ऐसा होना चाहिए, जिससे मुंह व नाक पूरी तरह से ढंक जाए। साथ ही उसकी डोरियां ढीली नहीं होनी चाहिए। एक बार मास्क लगाने के बाद उसे हाथ नहीं लगाना चाहिए। अगर चेहरे पर खुजली हो रही हो, तो पहले हाथों को साबुन से धोना चाहिए। जब मास्क उतार रहे हों तो उसे पीछे की ओर से उतारें। सामने की तरफ से उसे हाथ न लगाएं।
विज्ञापन


अपोलो अस्पताल के डॉक्टर यश गुलाटी बताते हैं कि लोग किसी से बात करते समय बार-बार मास्क उतारने लगते हैं, ऐसा बिल्कुल न करें। इससे वायरस मुंह या नाक के जरिये शरीर में पहुंच सकता है। उन्होंने बताया कि अस्पताल में कई लोग ऐसे भी आ रहे हैं, जिन्हें यह नहीं पता कि वह संक्रमित कैसे हुए हैं, जबकि वह हर समय मास्क लगाते थे।

ऐसे मामलों में हो सकता है कि लोगों ने मास्क लगाते समय यह सब लापरवाही बरती हों। उन्होंने कहा कि भीड़भाड़ वाली जगहों में मास्क पहनना बेहद जरूरी है। घर पर हैं तो मास्क का प्रयोग नहीं करना चाहिए। इसके अलावा गाड़ी में अकेले सफर कर रहे है और शीशे लगे हुए हैं तो भी मास्क पहनना जरूरी नहीं है।

मास्क पहनने से विषाणु के कण शरीर में प्रवेश नहीं करते
सफदरजंग अस्पताल के डॉक्टर जुगल किशोर बताते हैं कि कोरोना वायरस नाक व मुंह के जरिये ही शरीर में प्रवेश करता है। अगर यह दोनों अंग सही तरीके से ढंके हैं तो वायरस से आसानी से बचाव हो सकता है। उन्होंने कहा कि कोई भी कोरोना संक्रमित व्यक्ति जब खांसता या छींकता है तो उसके शरीर में मौजूद विषाणु के कण कुछ देर तक हवा में रहते हैं। दूसरा कोई व्यक्ति जब सांस लेता है, तो यह कण उसके शरीर में पहुंच जाते हैं। मास्क पहनने से यह कण शरीर में प्रवेश नहीं करते हैं। उसके ऊपर ही ठहर जाते हैं, इसलिए कहा जाता है कि मास्क को कभी बाहर से न छुएं।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें