मुखर्जी नगर स्थित डीडीए के एसएफएस फ्लैट
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कोरोना की चौथी लहर में एक दूसरे का साथ देकर लोग मानवता की मिसाल पेश कर रहे हैं। रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन इस मुहिम में जुटा है कि खाली फ्लैटों को आइसोलेशन केंद्र में तब्दील किया जाए और वहां ऑक्सीजन की व्यवस्था की जाए। इससे वीकेंड कर्फ्यू के साथ बाद में दिनों में किसी को अचानक दिक्कत न आने आए। खास बात यह कि सोसायटी में रहने वाले डॉक्टर भी आगे बढ़चढ़कर कोरोना के मरीजों का सहयोग कर रहे हैं। वह प्लाज्मा की जरूरत पर भी आगे बढ़कर मरीजों को राह दिखा रहे हैं।
मुखर्जी नगर स्थित डीडीए के एसएफएस फ्लैट में रोजाना किसी ना किसी फ्लैट के लोग संक्रमित हो रहे हैं। इसे लेकर रेजिंडेंट वेलफेयर एसोसिएशन काफी सहयोग की भूमिका में दिखाई पड़ रहा है। इतना ही नहीं सोसायटी के अंदर रहने वाले आधा दर्जन से अधिक डॉक्टर बेहतर भूमिका निभा रहे हैं। इसमें सबसे बेहतर माध्यम बन रहा है वाट्सएप ग्रुप जहां मरीजों के जरूरत वाले मैसेज पर कई लोग सहयोग का माध्यम बन रहे हैं।
वेलफेयर एसोसिएशन के सचिव व हिंदू कॉलेज के प्रो. चंद्रचूड़ सिंह ने बताया कि संक्रमण की रफ्तार व पिछले साल से सबक लेते हुए सोशल डिस्टेंसिंग का खास ख्याल रखा जा रहा है। बच्चों को पार्क में नहीं पहुंचने की अपील की जा रही है। जो लोग फ्लैटों में संक्रमित हैं उन्हें घर पर ही जरूरी सामान उपलब्ध कराने की कोशिश की जा रही है।
सोसायटी में रहने वाले ही एक व्यक्ति ने 20 कैन ऑक्सिजन की व्यवस्था अपने खर्च पर लोगों के लिए उपलब्ध कराई है ताकि आकास्मिक जरूरत पर इस्तेमाल की जा सके। इसी तरह सोसायटी में ही रहने वाले डॉ सुमन कुमार, डॉ. डीके सिंह, डॉ. हिमांशु, डॉ. अखिल रोहतगी समेत कई डॉक्टर कोरोना के मरीजों की देखभाल कर रहे हैं। आरडब्ल्यूए पदाधिकारी पवन शर्मा का कहना है कि पूरे सोसायटी में मास्क पहनने और दुकानों में सोशल डिस्टेंसिंग के साथ खरीदारी करने की अपील की जा रही है।