दिल्ली की एक अदालत ने सोशल मीडिया पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों के मामले में सख्त कदम उठाया है। पटियाला हाउस कोर्ट ने दिल्ली साइबर पुलिस को पत्रकार करिश्मा अजीज के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है। उन पर हिंदू संतों के अपमान और सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर भारत-विरोधी भावनाएं फैलाने का गंभीर आरोप है।
यह कानूनी कार्रवाई वकील अमिता सचदेवा द्वारा दायर शिकायत के बाद हुई है। मामले की सुनवाई चीफ़ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट मृदुल गुप्ता ने की। उन्होंने पाया कि शिकायत में लगाए गए आरोप प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराध की श्रेणी में आते हैं। अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि निष्पक्ष जांच किया जाना बेहद जरूरी है। कोर्ट ने कहा कि शिकायत में ऐसे संज्ञेय अपराधों का जिक्र है। इनकी निष्पक्ष जांच होना न्याय हित में आवश्यक है। अदालत ने इस शुरुआती चरण में किसी भी पक्ष के आरोपों की सच्चाई या उसके गुण-दोष पर टिप्पणी नहीं की।
पत्रकार करिश्मा अजीज पर हिंदू संतों के संबंध में अपमानजनक टिप्पणी करने का आरोप है। उन पर सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर भारत-विरोधी भावनाएं फैलाने का भी आरोप है। ये आरोप वकील अमिता सचदेवा की शिकायत में लगाए गए थे। शिकायत में रिकॉर्ड पर मौजूद सामग्री और सबूतों की आवश्यकता का हवाला दिया गया।
अदालत के निर्देश के बाद दिल्ली साइबर पुलिस एफआईआर दर्ज करेगी। पुलिस अब मामले की औपचारिक जांच आगे बढ़ाएगी। सोशल मीडिया पोस्ट और डिजिटल साक्ष्यों की तकनीकी जांच की जाएगी। इसका उद्देश्य सच्चाई का पता लगाना है। इस चर्चित मामले ने डिजिटल मीडिया के कानूनी दायरों पर एक बार फिर बहस छेड़ दी है।