दिल्ली की जिला अदालतों में चतुर्थ श्रेणी की भर्ती हुए हुई परीक्षा का पेपर 15 फरवरी को लीक हो गया था। कैथल के परीक्षार्थी ने पूछताछ में इस तरह के संकेत दिए हैं। गिरफ्तार किए गए भी आरोपियों ने मोबाइल व ब्लूटूथ अंडरगारमेंट में छिपा रखे थे। अंडरगारमेंट विशेष रुप से सिलवाए गए थे। दिल्ली पुलिस अधिकारियों का ये भी कहना है कि परीक्षार्थियों ने मोबाइल व ब्लूटूथ ले जाने के लिए कोविड नियमों को फायदा उठाया।
अपराध शाखा के एक अधिकारी ने बताया कि अपराध शाखा ने जिन 17 आरोपियों की पकड़ा हैं वह सभी कैथल, हिसार, जींद और सोनीपत समेत अन्य जिलों के है। इनमें कैथल के गिरफ्तार किए गए आरोपी ने बताया कि उसकी 15 फरवरी को एक व्यक्ति ने बात हुई थी। उस व्यक्ति ने कहा था कि वह उसका दिल्ली की अदालतों का पेपर सॉल्व करवा देगा। इसके बाद उस व्यक्ति ने उसे सिम व ब्लूटूथ दिया था। वह ब्लूटूथ को अंदर लेकर चला जाए वह उसके पेपर सॉल्व करवा देगा। पेपर सॉल्व करवाने के बाद उसे 50 हजार रुपये देने होंगे। ऐसे में पुलिस अधिकारी मान रहे हैं कि पेपर 15 फरवरी के पास ही लीक हो गया था।