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पंचायत सहायक: सरकारी के नाम पर की नौकरी, अब दे रहे इस्तीफा

Wed, 20 Apr 2022 05:17 AM IST
Jeet Kumar रश्मि ओझा गाजियाबाद।

सार

सरकारी नौकरी के लालच में युवाओं ने पहले पंचायत सहायक पद पर आवेदन कर नौकरी तो पा ली, लेकिन अब छह हजार वेतन और आठ घंटे की नौकरी के दबाव में कुछ महीनों नौकरी करने के बाद अधिकतर नौकरी छोड़ रहे हैं।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गांवों में मिनी सचिवालयों के लिए पंचायत सहायक के पद पर युवाओं ने धड़ाधड़ आवेदन किए। पंचायत सहायक के लिए योग्यता 10वीं या 12वीं थी, लेकिन स्नातक और परास्नातक, एमबीए यहां तक की गोल्ड मेडलिस्ट और यूपीएससी की तैयारी करने वालों तक ने आवेदन कर नौकरी पाई। अब 20 पंचायत सहायकों ने इस्तीफा दे दिया है और कई नौकरी छोड़ने की कतार में हैं। 161 ग्राम पंचायतों में से अभी भी 28 पद खाली हैं।

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सरकारी नौकरी के लालच में युवाओं ने पहले पंचायत सहायक पद पर आवेदन कर नौकरी तो पा ली, लेकिन अब छह हजार वेतन और आठ घंटे की नौकरी के दबाव में कुछ महीनों नौकरी करने के बाद अधिकतर नौकरी छोड़ रहे हैं। जिले के 133 ग्राम पंचायत में सहायक अभी तैनात हैं और पिछले चार पांच महीनों में 20 पंचायत सहायकों ने नौकरी छोड़ दी है।

इसके अलावा आठ पंचायतों में कोई आवेदन ना आने की वजह से अभी तक तैनाती नहीं हो सकी है। बताया जा रहा है कि नौकरी छोड़ने वाले युवाओं में ऐसे लोग शामिल हैं, जिसमें या तो किसी की दूसरी नौकरी लग गई है या प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए समय नहीं मिल पा रहा है।
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सबसे अधिक भोजपुर में हैं डिग्रीधारी
भोजपुर ब्लाक में सबसे अधिक स्नातक और परास्नातक तैनात हैं। यहां 47 पदों में से 16 पर स्नातक और परास्नातक तैनात हैं। इसके अलावा मुरादनगर ब्लॉक में 48 पदों में से 12 पर परास्नातक-स्नातक हैं।  लोनी ब्लाक में 32 में से छह पदों पर स्नातक नौकरी कर रहे हैं।

पढ़ाई के साथ-साथ नौकरी भी 
गांव कादराबाद में तैनात नंदिता ने बताया कि मैं अभी एमबीए की पढ़ाई कर रही हूं। घर के पास नौकरी थी तो ज्वाइन कर लिया है।

44 गांवों में परास्नातक, एमबीए और स्नातक तैनात
पंचायत सहायक के लिए 153 ग्राम पंचायतों में भर्ती हुई थी। इसके लिए योग्यता दसवीं पास थी लेकिन एक भी दसवीं पास के आवेदन नहीं आए। 109 गांवों में इंटरमीडिएट पास तैनात हैं तो 41 गांव में स्नातक सहित अतिरिक्त योग्यता जैसे कंप्यूटर, डिजाइनिंग आदि की योग्यता वाले युवा कार्य कर रहे हैं। तीन पदों पर परास्नातक और एमबीए तैनात हुए थे।

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