दिल्ली में ऑक्सीजन का संकट अभी भी खत्म नहीं हूआ है। ऑक्सीजन की कमी के चलते कई मरीजों की जान पर तलवार लटकी हुई है। सहगल नियो हॉस्पीटल में सिर्फ एक घंटा के लिए ही ऑक्सीजन बची है। अस्पताल में कई मरीजों का इलाज चल रहा है।
अस्पताल प्रशासन ने ट्वीट कर कहा कि सरकार के आदेशानुसार उसके पुराने वेंडर को हटा दिया गया है। ऑक्सीजन सिलिंडर के लिए नए वेंडर पैरामाउंट को दिया है। प्रशासन ने कहा कि जितनी मुझे जरूरत है, वेंडर उतनी आपूर्ति नहीं कर पा रहा है। जिसके चलते ऑक्सीजन का संकट बना रहता है।
सहगल नियो ने ट्वीट कर ऑक्सीजन उपलब्ध कराने की अपील की है। बता दें कि पिछले दिनों ऑक्सीजन की कमी के चलते कई मरीजों की जान चली गई थी। हालांकि, दिल्ली सरकार ने कई निर्णायक कदम भी उठाए हैं। कई अस्पतालों में आपूर्ति सही से हो रही है, लेकिन अभी भी कई अस्पतालों में आपूर्ति में दिक्कत हो रही है।
दिल्ली उच्च न्यायालय में आक्सीजन आपूर्ति समेत कई याचिकाओं पर आज भी सुनवाई चल रही है। उच्च न्यायालय ने कहा कि दिल्ली में लोग कोरोना से ग्रसित हैं और ऑक्सीजन की कमी के कारण कई लोगों की जान जा चुकी है। उन्होंने केंद्र से कहा कि आप ही इसका समाधान निकाले।
हाईकोर्ट से आग्रह- केंद्र दे 1000 मीट्रिक टन ऑक्सीजन
सुनवाई के दौरान अधिवक्ता राहुल मेहरा ने उच्च न्यायालय से आग्रह किया कि वे केंद्र सरकार को दिल्ली को हजार मीट्रिक टन ऑक्सीजन उपलब्ध कराने के निर्देश दें। राहुल मेहरा ने उच्च न्यायालय को बताया कि 8 पीएसए प्लांटों में से दो पहले से ही चालू है और दो अप्रैल 30 तक चालू होने थे। बाकी के लिए दिल्ली सरकार ने अनुमति दी है। लेकिन कुछ प्राधिकरणों ने इसमें टांग अड़ा दी और कहा कि इममें कुछ बदलाव और अनुमोदन की आवश्यकता है।