नई दिल्ली। नोएडा के सुपरटेक ईको-विलेज में रहने वाले एक ठग ने निजी बैंक को 97 लाख रुपये का नुकसान पहुंचा दिया। आरोपी ने दो अलग-अलग नाम से फर्जी कंपनी बनाकर फर्जी कागजात के आधार पर ऑटो, पर्सनल और क्रेडिट कार्ड पर लोन ले लिया और बाद में रफूचक्कर हो गया। करीब 1000 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के बाद पहाड़गंज थाना पुलिस ने आरोपी को सोमवार को नोएडा स्थित फ्लैट से दबोच लिया। आरोपी वेंटिलेशन पाइप से उतरकर फरार होने का प्रयास कर रहा था। पकड़े गए आरोपी की पहचान राजेश उर्फ प्रदीप के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके पास से दो एसयूवी समेत तीन कारें, फर्जी आधार कार्ड और पैन कार्ड बरामद किया है। आरोपी ने बताया कि उसे हाई-फाई जिंदगी जीने का शौक है, इसलिए वह ठगी की रकम से मौज-मस्ती करता था। पुलिस ने आरोपी को 5 दिन की रिमांड पर लिया है।
मध्य जिला पुलिस उपायुक्त संजय भाटिया ने बताया कि पिछले दिनों पहाड़गंज स्थित आईसीआईसीआई बैंक की तरफ ने पुलिस को एक शख्स के खिलाफ ठगी की शिकायत दी गई थी। पुलिस को बताया कि आरोपी कुछ माह के दौरान अलग-अलग तरीके से बैंक से कुल 97 लाख रुपये का लोन ले चुका है। पर्सनल लोन, ऑटो और क्रेडिट कार्ड पर लोन ले रखा था। शिकायत के बाद 20 सितंबर को पहाड़गंज थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। पुलिस को पता चला है कि आरोपी ने लोन के लिए बैंक में जो कागजात जमा करवाए थे वह सभी फर्जी थे। बैंक में अलग-अलग नाम से फर्जी सैलरी स्लिप पर लोन लिया गया था। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि लोन की सारी रकम यूएआई और माइंड ट्री नामक दो अलग-अलग कंपनियों में ट्रांसफर हुई। दोनों कंपनियां प्रदीप शर्मा और राजेश शर्मा के नाम पर रजिस्टर्ड थीं। पुलिस ने पड़ताल की तो कंपनियों के पते भी फर्जी निकले।
पुलिस ने मध्य दिल्ली के अलावा नोएडा व एनसीआर के करीब 1000 सीसीटीवी फुटेज को खंगालना शुरू किया। आरोपी की पहचान पुख्ता करने के बाद पता चला कि वह नोएडा एक्सटेंशन स्थित सुपरटेक ईको-विलेज के बी-4, 007 फ्लैट में रहता है। पुलिस की एक टीम ने सोमवार को उसके फ्लैट पर छापा मारा तो आरोपी को भनक लग गई। वह वेंटिलेशन के पाइप के सहारे भागने लगा। लेकिन पुलिस की टीम ने आरोपी को उससे पहले ही दबोच लिया।