नई दिल्ली। आर्थिक अपराध शाखा ने गुरुग्राम स्थित एक प्रॉपर्टी को अलग-अलग बैंकों में गिरवी रखकर सात करोड़ रुपये का लोन लेने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया है। इसकी पहचान सेक्टर-4 अर्बन एस्टेट, गुरुग्राम निवासी राजीव राठी (51) के रूप में हुई। कई बैंकों ने आरोपी के खिलाफ आर्थिक अपराध शाखा में शिकायत की थी। इस मामले में पुलिस बैंक अधिकारियों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त आर के सिंह ने बताया कि वर्ष 2020 में रत्नाकर बैंक लिमिटेड (आरबीएल) और बैंक ऑफ महाराष्ट्र की तरफ से आर्थिक अपराध शाखा को जालसाजी की शिकायत की गई थी। इसमें बताया गया कि शगुन एंटरप्राइजेज के मालिक राजीव राज राठी ने होम लोन लिया था। इसके एवज में गुरुग्राम स्थित एक प्रॉपर्टी को गिरवी रखा था। आरबीएल बैंक ने 2.5 और बैंक ऑफ महाराष्ट्र ने आरोपी को 1.30 करोड़ रुपये का लोन दिया। लोन की किश्त जमा नहीं होने पर बैंकों ने समाचार पत्र में विज्ञापन दिया। इसके बाद बैंकों को पता चला कि आरोपी ने इसी प्रॉपर्टी को इलाहाबाद बैंक में भी गिरवी रखकर लोन लिया है। शाखा ने बैंकों की शिकायत पर जांच शुरू की।
जांच में पता चला कि आरोपी ने मेसर्स शगुन एंटरप्राइजेज के नाम से शाहदरा औद्योगिक क्षेत्र में आयरन टेप की फैक्टरी किराए पर ली थी। उसने प्रॉपर्टी गिरवी रखकर इलाहाबाद, आईसीआईसीआई, आरबीएल, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, पीएनबी और ओबीसी बैंक से करीब सात करोड़ रुपये का लोन लिया था। पुलिस ने आरोपी को बृहस्पतिवार को गुरुग्राम से गिरफ्तार कर लिया। जांच में पता चला कि गुरुग्राम अर्बन एस्टेट हरियाणा में राजीव की पैतृक संपत्ति है। उसने दोस्तों के साथ मिलकर बैंकों को धोखा देने के लिए शगुन एंटरप्राइजेज नाम की फर्म खोली। फिर उसने बैंक के अधिकारी को दिखाने के लिए किराए पर एक कारखाना लिया। उसने अपने प्रॉपर्टी के कागजात का एक सेट बनाया और सभी बैंकों में गिरवी रखकर लोन लेने के बाद फरार हो गया।