नई दिल्ली। 9,000 शिक्षकों को मार्च तक के वेतन का भुगतान कर दिया है और उनमें से 5,406 जिन्हें कोविड-19 ड्यूटी पर लगाया गया था, उन्हें अप्रैल तक के बकाये का भुगतान कर दिया गया है। यह जानकारी उत्तरी दिल्ली नगर निगम की ओर से उस याचिका के जवाब में दी गई जिसमें शिक्षकों को वेतन न मिलने का मुद्दा उठाया गया है।
न्यायमूर्ति हिमा कोहली और न्यायमूर्ति सुब्रह्मण्यम प्रसाद की पीठ ने दिल्ली सरकार और उत्तरी निगम को 31 जुलाई तक ताजा स्थिति रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया था। जिसमें नगर निगम द्वारा उसके स्कूलों में रखे गए शिक्षकों को वेतन या राशि जारी किए जाने के बारे में पूरी जानकारी हो।
पीठ ने जुलाई के अंत तक बाकी शिक्षकों के अप्रैल के वेतन का भुगतान करने के संबंध में निगम की दलीलों पर गौर करते हुए कहा कि इसके बावजूद मई और जून का उनका वेतन बचा रहेगा। पीठ ने अगली सुनवाई 5 अगस्त के लिए सूचीबद्ध की है।
निगम ने अपनी सफाई में दिल्ली सरकार पर सहायता अनुदान जारी नहीं करने का आरोप लगाते हुए कहा इस कारण वह अपने कर्मचारियों के वेतन देने में असमर्थ है। दिल्ली सरकार ने अपनी स्थिति रिपोर्ट में कहा कि निगम को उसके शिक्षकों को वेतन जारी करने के लिए देय सहायता अनुदान इस वर्ष की पहली तिमाही यानी अप्रैल से जून के लिए 147 करोड़ रुपये था और इसे तीन मासिक किश्तों में जारी किया गया।
दिल्ली सरकार के स्थायी वकील (सर्विसेज) अवनीश अहलावत ने कहा कि दूसरी तिमाही (जुलाई से सितंबर) के लिए सहायता अनुदान जुलाई के लिए 49.17 करोड़ रुपये का भुगतान इस महीने के अंत में किया जाएगा। इसी तरह से शेष राशि की दो किश्त अगस्त और सितंबर के अंत में जारी की जाएंगी।