दिल्ली के पुलिस थानों में फर्जी मामले दर्ज कराने व झूठी कॉल करने वालों की अब खैर नहीं है। ऐसे मामले में दिल्ली पुलिस आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाएगी। दिल्ली पुलिस की अमर कॉलोनी में झूठी कॉल करने के वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की कार्रवाई की शुरू कर दी गई है। ये पहला मामला है कि झूठी कॉल करने वाले के खिलाफ कार्रवाई की गई है। दिल्ली पुलिस आयुक्त राकेश अस्थाना ने 23 फरवरी को स्टेंडिंग ऑर्डर जारी कर झूठी कॉल करने व फर्जी एफआईआर दर्ज करवाने के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने व एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए हैं।
पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी स्टेडिंग ऑर्डर में कहा गया है कि अपने निजी हितों को साधने के लिए लोग फर्जी एफआईआर दर्ज करवा देते हैं। कई बार इंश्योरेंस लेने के लिए लोग चोरी, लूटपाट, आग व प्रॉपर्टी को कब्जा करने की फर्जी एफआईआर दर्ज करवा देते हैं। फर्जी एफआईआर व शिकायत दर्ज कराने के बहुत सारे कारण होते हैं। ऐसे मामलों में पुलिस को सावधानीपूर्वक जांच कर सच को सामने लाना चाहिए, ताकि किसी निर्दोश को परेशानी न झेलनी पड़ी।
फर्जी एफआईआर दर्ज की तो
स्टेडिंग ऑर्डर में कहा गया है कि अगर कोई फर्जी एफआईआर दर्ज करवाता है और जांच में ये साबित हो जाता है कि एफआईआर बोगस दर्ज करवाई गई है कि ऐसे मामले में पुलिस सीआरपीसी की धारा 137 के तहत कोर्ट में फाइनल रिपोर्ट दाखिल करेगी। पुलिस फाइनल रिपोर्ट दाखिल कर कोर्ट से आग्रह करेगी कि आरोपी के खिलाफ आईपीसी182/211 के तहत मामला करने के आदेश दिए जाए। क्योंकि आरोपी ने गलत तथ्य पेश किए हैं।
अगर कोई हॉक्स कॉल करता है तो
अगर कोई बम रखे होनेकी झूठी कॉल करता है और जांच में ये साबित हो जाता है कि झूठी कॉल की गई है तो पुलिस संबंधित कोर्ट में रिपोर्ट तैयार कर दाखिल करेगी। पुलिस कोर्ट से आग्रह करेगी कि आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 182/211 के तहत मामला दर्ज किया जाए।
अगर कोई झूठी पीसीआर कॉल करता है-
जब जांच में ये साबित हो जाता है कि शिकायतकर्ता ने बोगस व फर्जी कॉल करता है तो उसके खिलाफ भी कोर्ट में रिपोर्ट दाखिल कर झूठी कॉल करने का मामला दर्ज करवाया जाएगा। अमर कॉलोनी थाना पुलिस ने ऐसे ही केस में कॉल करने वाले के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाने की कार्रवाई शुरू की। ओखला सब्जी में रेहड़ी लगाने वाले ने बृहस्पतिवार सुबह नौ बजे पुलिस को कॉल की थी कि चार लोगों ने चाकू से हमला कर उसे लूट लिया। पुलिस मौके पर पहुंची तो पता लगा कि पीड़ित को न तो चाकू मारे गए हैं और न ही लूटा गया है। पीड़ित का आरोपी के साथ रेहड़ी लगाने का झगड़ा था। इस मामले में अमर कॉलोनी थाना पुलिस ने कॉल करने वाले के खिलाफ मामला दर्ज करवाने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
अगर कोई थाने आदि जगहों पर फर्जी शिकायत दर्ज कराता है तो शिकायकर्ता के खिलाफ रिपोर्ट दाखिल कर कोर्ट में पेश कर मामला दर्ज करवाया जाएगा।
छह से दो वर्ष तक की हो सकती है सजा -
दिल्ली पुलिस झूठी कॉल व फर्जी एफआईआर दर्ज करवाने के खिलाफ आईपीसी की धारा 182/211 के खिलाफ मामला दर्ज करवाएगी। आईपीसी 182(किसी सरकारी अफसर को ऐसी गलत जानकारी देना जिससे वह अपनी शक्तियों को दूसरे के खिलाफ इस्तेमाल कर सकते) के तहत छह महीने की सजा व एक हजार रुपये के जुर्माने का प्रावधान है। आईपीसी 211 (कानूनी कार्रवाई में फंसाने के लिए झूठी कहानी गढना) के तहत दो वर्ष की सजा व जुर्माने का प्रावधान है।