हरियाणा सीमा से सटा दिल्ली देहात का नरेला द्वारका व रोहिणी सरीखी दूसरी सब-सिटी से टक्कर लेगा। बिजली, पानी, सीवर की सुविधा बेहतर होगी। सड़कें भी अत्याधुनिक तकनीक से बनेंगी। इस पर तैयार होने वाले अंडरपास वाहनों को रफ्तार देंगे। मेट्रो की सीटी भी इलाके में गूंजेगी। दिल्ली विकास प्राधिकरण ने इलाके के विकास की कवायद शुरू कर दी है। इसके लिए मंगलवार को वित्तीय वर्ष 2022-2023 के बजट में आवंटन भी डीडीए ने कर दिया है। इनके तैयार होने के बाद आम लोगों को फायदा मिलने के साथ डीडीए की आवासीय योजनाओं को भी पंख लगेंगे।
डीडीए नरेला को द्वारका एवं रोहिणी की तरह ही नहीं, बल्कि दक्षिण दिल्ली के विभिन्न इलाकों की तरह विकसित करने में लगा है। यहां पर बसाई जा रही आवासीय कालोनी में 20 मीटर चौड़ी सड़कों का निर्माण किया जा रहा है। वहीं, इस आवासीय कालोनी को दिल्ली व हरियाणा के अनेक इलाकों से नहीं, बल्कि एयरपोर्ट से जोड़ने के लिए 100 मीटर चौड़ा रोड बनाया जा रहा है। इसके अलावा नरेला को दिल्ली के कई इलाकों से जोड़ने के लिए कई अन्य सड़कें भी बनाई जा रही है। वह दिन भी दूर नहीं जब नरेला में मेट्रो रेल पहुंचेगी।
डीडीए की ओर से रिठाला-बवाना-नरेला कॉरिडोर के लिए मेट्रो के फेज-4 के निर्माण के लिए डीएमआरसी व भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के माध्यम से दिल्ली में अरबन एक्सटेंशन रोड (यूईआर) दो खंड के निर्माण को स्वीकृति पहले ही दे चुका है। इस साल इस योजना के लिए राशि का भी प्रावधान किया गया है। नरेला में बेहतर पेयजल आपूर्ति के लिए पाइप लाइन डाली जा रही है।
इसी तरह सीवर लाइन भी डालने का कार्य चल रहा है। वहीं, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट भी बनाने की योजना है। इलाके में 24 घंटे बिजली आपूर्ति मुहैया कराने के लिए ग्रिड व सब-स्टेशन का निर्माण शुरू किया गया है। स्ट्रीट लाइट पर कार्य किया जा रहा है। इसके अलावा डीडीए ने अपनी आवासीय कालोनी की चाहरदीवारी का भी निर्माण शुरू कर दिया है। दूसरी ओर डीडीए की नरेला को एजूकेशन हब बनाने की भी योजना है। जलाशय, हरित क्षेत्र, बेहतर आवास, बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।
ये हैं प्रमुख योजनाएं
- नरेला, द्वारका और रोहिणी सब-सिटी सड़क, सीवरेज, जलापूर्ति, बिजली लाइन, जल निकासी सहित दूसरे दूसरे बुनियादी ढांचे के विकास पर 2,922 करोड़ रुपये का आवंटन।
- शहरी विस्तार सड़क-2 से नरेला की दिल्ली के बाकी हिस्सों और पड़ोसी राज्यों से संपर्क होगा बेहतर। प्रस्तावित लैंड पूलिंग क्षेत्रों तक पहुंचना होगा आसान। इस पर करीब 7,700 करोड़ रुपये खर्च होंगे। वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए 725 करोड़ रुपये खर्च का अनुमान।
- मेट्रो के चौथे फेज के लिए वित्तीय वर्ष 2022-23 में 240 करोड़ रुपये का प्रावधान।
- आवासीय प्रोजेक्ट के लिए 2,543 करोड़ रुपये की आवंटन। दिसंबर 2021 में एक विशेष आवास योजना 2021 शुरू की है।