अगर ट्रैफिक पुलिस आपके वाहन को उठाकर (टो) ले जाती है तो अब आपको जगह-जगह भटकना नहीं पड़ेगा। इसके लिए इसी सप्ताह से नई व्यवस्था को बड़े पैमाने पर लागू कर दिया गया है। अब दिल्ली ट्रैफिक वाहन मालिक के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर मैसेज भेजकर बताएगी कि आपका वाहन को कहां उठाकर ले जाया जा रहा है। इसके लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने टो अवे एप्लीकेशन बनाई है। साथ ही ई-चालान मशीन एप्लीकेशन को अपग्रेड किया गया है।
दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस सिस्टम को ट्रायल के तौर पर एक दिसंबर, 2021 को लागू किया गया था। इसमें मैसेज भेजकर बताया जाता था कि आपके वाहन को इस पिट (टो किए गए वाहनों को रखने की जगह) में रखा गया है। यानी पुलिस पिट लोकेशन भेजती थी। ऐसे में वाहन को पिट में पहुंचने में कई दिन लग जाते थे, जबकि वाहन कई बार सर्कल में ही होता था।
इससे वाहन मालिक दर-दर भटकते रहते थे। वे करीब पिट तो कभी सर्कल तो कभी डीसीपी ऑफिस के चक्कर लगाते रहते थे। मगर यह व्यवस्था कामयाब नहीं हो पाई थी और ये सिस्टम कुछ दिन बाद ही ठप हो गया था। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अब इस सिस्टम को अपग्रेड किया गया है। ई चालान मशीन को अपग्रेड किया गया है और उसमें एप्लीकेशन जोड़ी गई है।
इससे जैसे ही गलत पार्किंग में खड़े अपने वाहन को ट्रैफिक पुलिस उठाएगी तो वाहन मालिक के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर मैसेज भेजकर बता देगी कि आपके वाहन को कहां से उठाया जा रहा है और कहां ले जाया जा रहा है।
मशीन के अलावा मोबाइल से भी मैसेज आएगा
पुलिस अधिकारी ने बताया कि वाहन को उठाने का मैसेज ई-चालान मशीन के अलावा मोबाइल से भी जाएगा। ट्रैफिक पुलिसकर्मी को अपने मोबाइल को रजिस्टर्ड कराना पड़ेगा। उसे यूजर आईडी व पासवर्ड देना होगा। उसका नंबर रजिस्टर्ड होने के बाद वह वाहन मालिक को मैसेज भेज सकता है। वाहन को उठाने वाली क्रेन चालक को मैसेज भेजने का अधिकार नहीं दिया जाएगा।
चोरी की कॉल करते थे वाहन मालिक
अभी तक यह होता था कि जैसे ही ट्रैफिक पुलिस गलत पार्किंग में खड़े वाहन को उठा लेती थी। लेकिन जानकारी के अभाव में मालिक वाहन की गुमशुदगी और चोरी की शिकायत दर्ज कराते थे। कई बार आसपास के लोगों से पूछकर पता लगता था कि उसके वाहन को गलत पार्किंग में खड़ा करने के कारण पुलिस उठाकर ले गई है।