पिछले कई चुनावों को देखें तो पता चलता है कि नामांकन के आखिरी दिन सबसे ज्यादा पर्चे भरे जाते हैं। वर्ष 2013 में 1188 नामांकन पत्र दाखिल किए गए, जिसमें आखिरी दिन 781 पर्चे भरे गए थे। ठीक इसी तरह 2015 के चुनाव में 923 नामांकन दाखिल हुए और आखिरी दिन 21 जनवरी को 539 पर्चे भरे गए।
इस बार के चुनाव में भी ऐसी ही स्थिति देखने को मिल रही है। नामांकन प्रक्रिया के छठवें दिन सोमवार तक 600 से ज्यादा नामांकन चुनाव आयोग को मिल चुके हैं। अभी भी एक दिन का वक्त शेष है और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सहित कई बड़े दिग्गजों का नामांकन भरना बाकी है।
दिल्ली चुनाव कार्यालय से जुड़े एक अधिकारी का कहना है कि आखिरी दो दिन वे हमेशा से ही काफी व्यस्त रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस बार आखिरी दिन मंगलवार को बड़ी संख्या में नामांकन दाखिल कराए जा सकते हैं। हालांकि एक सवाल ये भी है कि बीते दो चुनावों में जमा हुए नामांकन पत्रों की कमी भी देखने को मिली है।