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अंतरराज्यीय बस सेवा न होने की वजह से बढ़ी परेशानी कोरोना काल का रक्षाबंधन पर भी असर

Mon, 03 Aug 2020 09:06 AM IST
अवधेश कुमार अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली  
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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कोरोना काल का असर बहन-भाई के पावन त्योहार रक्षाबंधन पर भी पड़ा है। बहनों से राखी बंधवाने के लिए दिल्ली से आसपास के शहरों में जाने के लिए भाईयों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। उधर, अपने भाई के पास जाने वाली बहनों ने भी संक्रमण के खौफ से बचाव के नाकाफी इंतजाम की वजह से बसों की बजाय टैक्सी में सफर करना बेहतर समझा।

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अंतरराज्यीय बस सेवा बंद होने की वजह से कश्मीरी गेट पर सन्नाटा पसरा रहा तो अन्य बस जगहों पर भी इस त्योहार पर जाने के लिए लोगों को टैक्सी के मद में अधिक किराया चुकाना पड़ा। हालांकि उत्तर प्रदेश के शहरों में जाने के लिए कौशाम्बी बस अड्डा पर यात्रियों की सुविधा के लिए पर्याप्त बसों का आवागमन जारी है। 

मेरठ, बुलंदशहर, सुल्तानपुर सहित उत्तर प्रदेश के अन्य शहरों के लिए जा रही बसों में यात्रियों के सवार होने पर बसें लगातार रवाना होती रहीं। सराय काले खां, आनंद विहार समेत सभी बस अड्डे से दूसरे बस अड्डा के लिए कोई भी बस सुविधा न होने की वजह से शाम तक यात्रियों की मुश्किलें बनी रहीं। 

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टैक्सी के लिए किया बॉर्डर का रुख

कश्मीरी गेट बस अड्डा के बाहर जब संवाददाता ने चंडीगढ़ जाने के लिए सवारी के बारे में पूछा तो वहां मौजूद कुछ लोगों ने बताया कि टैक्सी में जा सकते हैं। लेकिन इसके लिए संघू बॉर्डर तक साथ जाना होगा। सुबह से सैकड़ों की संख्या में यात्री कुछ इस तरह ही अलग अलग शहरों के लिए रवाना हुए। अंतरराज्यीय बस सेवाएं न होने की वजह से लोगों को मुश्किलों के साथ टैक्सी के मद में अधिक खर्च करना पड़ा। 

बॉर्डर तक पहुंचने के लिए बसों में अधिक भीड़

रक्षाबंधन के दौरान यात्रियों की अधिक भीड़ की संभावना को देखते हुए दिल्ली परिवहन निगम की सभी बसों को सड़कों पर उतारने का निर्णय लिया गया है। रविवार को भी आसपास के शहरों में जाने के लिए लोगों ने बॉर्डर तक डीटीसी की बसों में ही सफर करना बेहतर समझा। इस वजह से डीटीसी और क्लस्टर बसों में भीड़ अधिक रही। 
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