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स्कूल का कोई विकल्प नहीं, ये जल्द से जल्द खुलें: सिसोदिया

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नई दिल्ली। दिल्ली सरकार जल्द से जल्द स्कूल खोलने के पक्ष में है। सरकार का मानना है कि स्कूल का कोई विकल्प नहीं हो सकता है और स्कूल जाने से बच्चे का सर्वांगीण विकास होता है। हालांकि जब तक स्कूल नहीं खुलते तब तक सरकार स्कूलों में चल रही सेमी ऑनलाइन शिक्षा को बेहतर करने का प्रयास करती रहेगी। सरकार का मानना है कि शिक्षा लैपटॉप तक सिमट कर रह गई है।
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उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने मंगलवार को चिराग इन्कलेव स्थित कौटिल्य राजकीय सर्वोदय कन्या विद्यालय जाकर शिक्षकों व अभिभावकों के साथ संवाद किया। यहां उन्होंने ऑनलाइन शिक्षा को लेकर उनका फीडबैक भी लिया। इस मौके पर ग्रेटर कैलाश विधानसभा क्षेत्र के आप विधायक सौरभ भारद्वाज भी मौजूद थे। उल्लेखनीय है कि शिक्षा मंत्री अब तक सात जोन के स्कूलों में जाकर फीडबैक ले चुके हैं।
शिक्षकों व अभिभावकों से संवाद करते हुए उन्होंने कहा कि इस मुश्किल दौर में बच्चों का नुकसान हो रहा है। हमारा प्रयास है कि यह नुकसान कम से कम हो। उन्होंने कहा कि हम सबको दुआ करनी चाहिए कि स्कूल जल्दी खुलें। चूंकि स्कूल का कोई विकल्प नहीं हो सकता है। इसलिए सरकार चाहती है कि स्कूल जल्द खोले जाएं।
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अपने अनुभव बताते हुए उन्होंने कहा कि उनका बेटा भी एक कमरे और लैपटॉप तक सिमट कर रह गया है। बाहर जाने और स्कूल जाकर कक्षा में पढ़ने से जो लाभ होता है, उससे बच्चे अभी वंचित हैं। उन्होंने कहा कि इस स्कूल के लगभग 83 फीसदी बच्चे ऑनलाइन कक्षाएं ले रहे हैं लेकिन बाकी 17 फीसदी बच्चों से संपर्क नहीं हो पा रहा है।
उन्होंने कहा कि कोरोना का वैक्सीन बन जाएगा, लेकिन शिक्षा में नुकसान की भरपाई किसी वैक्सीन से नहीं हो सकती। इसलिए हम अपने अन्य खर्च कम करके किसी भी तरह बच्चों की पढ़ाई जारी रखें। अगर पढ़ाई में नुकसान हुआ तो यह बच्चे या परिवार का नहीं, बल्कि पूरे देश का नुकसान होगा।
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