जामिया मिल्लिया इस्लामिया में कई सप्ताह से बंद मौलाना मोहम्मद अली जौहर मार्ग (जामिया यूनिवर्सिटी रोड) के एक केरिजवे को छात्रों ने शुक्रवार को खोल दिया। शनिवार को होने वाले मतदान के कारण जामिया कोर्डिनेशन कमेटी ने इसका फैसला किया था।
हालांकि पहले कहा गया था कि सड़क खोलकर धरना गेट नंबर-4 पर शिफ्ट कर दिया जाएगा, लेकिन कुछ छात्र इसके लिए तैयार नहीं हुए। शुक्रवार को सड़क खोलने के बाद भी कुछ महिलाएं गेट नंबर-7 के पास आधी सड़क पर डटी रहीं।
हालांकि इनका कहना था कि वे रात को धरना खत्म कर देंगी। शनिवार को यहां कोई धरना नहीं होगा। इसके बाद रविवार से धरना-प्रदर्शन जैसे चल रहा था, वैसे ही चलता रहेगा।
जामिया कोर्डिनेशन कमेटी ने बताया कि दिल्ली पुलिस ने पिछले दिनों जामिया मिल्लिया को पत्र लिखकर चुनाव और सुरक्षा के मद्देनजर छात्रों के धरने को खत्म कराने की अपील की थी। बाद में जामिया प्रशासन ने भी छात्रों को पत्र लिखकर प्रदर्शन का हिस्सा न बनने और प्रदर्शन समाप्त करने को कहा।
इसके बाद छात्रों ने बृहस्पतिवार को फैसला किया था कि मतदान के लिए वे शुक्रवार और शनिवार को बंद पड़ी सड़क को खोल देंगे और प्रदर्शन नहीं करेंगे। शुक्रवार को दिन में होली फैमिली से ओखला जाने वाली बंद पड़ी सड़क के केरिजवे को खोल दिया गया।
वहां लगे टेंट और बेरिकेड को हटा दिया गया। हालांकि बंद पड़ी सड़क की एक लेन पर महिलाएं अब भी बैठी हैं. उनको बैरिकेड लगाकर कवर दिया गया है।
छात्र बोले, लोकतांत्रिक प्रक्रिया में विश्वास
जामिया मिल्लिया के छात्रों का कहना है कि उनका प्रदर्शन सीएए और दिल्ली पुलिस के हमलों के विरोध में चल रहा था। लोकतंत्र में विश्वास रखते हुए वे मतदान के दिन सहयोग करेंगे। वोटिंग समाप्त होने के बाद छात्र फिर से सड़क पर प्रदर्शन शुरू करेंगे। वैसे जामिया के छात्र कांग्रेस और आप प्रत्याशियों के चुनाव प्रचार में भी हिस्सा ले रहे थे। अब वे लोगों बढ़-चढ़कर वोटिंग की अपील कर रहे हैं।