ऑनलाइन आवेदन में सुधार करने की सुविधा नहीं, छात्र परेशान
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के यूजी-पीजी, एमफिल-पीएचडी में दाखिले के लिए ऑनलाइन आवेदन फॉर्म में गलती हो जाने पर सुधार करने की सुविधा नहीं है। इस कारण छात्रों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। छात्र संगठन क्रांतिकारी युवा संगठन (केवाईएस) ने कुलपति को ज्ञापन देकर छात्रों को फॉर्म में सुधार करने की मांग की है।
डीयू ने शनिवार को ऑनलाइन आवेदन की तिथि 18 जुलाई तक बढ़ा दी है। केवाईएस का कहना है कि शनिवार शाम को 5 बजे के बाद तिथि बढ़ाने की घोषणा की गई। इस कारण जल्दबाजी में छात्रों ने फॉर्म भर दिए। कई छात्रों ने फॉर्म अधूरे भरकर ही जमा किए हैं। मौजूदा समय में कई सरकारी दफ्तरों के ऑफिस बंद होने व लॉकडाउन के कारण आवाजाही की समस्या से छात्र सभी दस्तावेज जमा नहीं कर पाए हैं। समयसीमा समाप्त होने के 1 घंटे बाद आने वाली अधिसूचना के चलते आवेदन करने वाले छात्रों के बीच एक अफरातफरी का माहौल बना। विशेष रूप से एमफिल और पीएचडी के लिए आवेदन करने वालों को इससे बड़ी परेशानी हुई, क्योंकि इन कोर्सों के लिए रिसर्च प्रपोजल जमा करना अनिवार्य होता है। इसके चलते कई छात्र असंतोषजनक रिसर्च प्रपोजल जमा करने को मजबूर हुए। केवाईएस ने डीयू प्रशासन से इन समस्याओं का तुरंत निवारण करने और आवेदन कर चुके छात्रों को आवेदन फॉर्म को अपडेट करने की सुविधा देने व एमफिल-पीएचण्डी कोर्सों में उम्मीदवारों को रजिस्ट्रेशन फॉर्म के साथ जमा किए गए रिसर्च प्रपोजल को अपडेट करने की अनुमति देने की मांग की है।