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Nikki Murder: रजिस्टर नहीं कराई थी शादी, निक्की के किराए के घर से बरामद सर्टिफिकेट, गवाहों से होगी पूछताछ

Mon, 20 Feb 2023 10:49 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला ब्यूरो, दिल्ली

सार

पुलिस अधिकारी ने बताया कि साहिल व निक्की की शादी कराने वाले मंदिर के प्रधान विपिन से पूछताछ की है। पुजारी व प्रधान ने पूछताछ में स्वीकार किया है कि उन्होंने साहिल व निक्की की शादी कराई है।
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निक्की यादव व साहिल गहलोत - फोटो : अमर उजाला-फाइल फोटो
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विस्तार
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निक्की यादव हत्या मामले में नया खुलासा हुआ है। निक्की व साहिल गहलोत ने ग्रेटर नोएडा स्थित आर्य समाज मंदिर में शादी तो कर ली थी, मगर शादी को रजिस्टर कार्यालय में रजिस्टर नहीं कराया था। दिल्ली पुलिस ने आर्य समाज मंदिर में शादी का सर्टिफिकेट निक्की यादव के घर से बरामद किया है। पुलिस की जांच में ये बात सामने आई है कि निक्की के पास शादी का प्रमाणपत्र होने के कारण आरोपी साहिल डरा हुआ था।

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अपराध शाखा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने दोनों की शादी का सर्टिफिकेट निक्की यादव के घर से बरामद किया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, ये सर्टिफिकेट निक्की के पास था। जब साहिल दूसरी लड़की से शादी कर रहा था तो निक्की धमकी दे रही थी कि अगर उसने दूसरी शादी की तो वह शादी के सर्टिफिकेट को लड़की के घरवालों को दिखा देगी और सोशल मीडिया पर वायरल कर देगी। इस बात से साहिल डरा हुआ था। 

पुलिस अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने साहिल व निक्की की शादी कराने वाले मंदिर के प्रधान विपिन से पूछताछ की है। प्रधान विपिन मंदिर का रिकार्ड रखता है। इसके अलावा दिल्ली पुलिस ने मंदिर के पुजारी वीरेंद्र शास्त्री से पूछताछ की है। पुजारी व प्रधान ने पूछताछ में स्वीकार किया है कि उन्होंने साहिल व निक्की की शादी कराई है। शादी के समय दोनों काफी खुश थे। साहिल व निक्की की आर्य समाज मंदिर में हुई शादी के दौरान ग्रेटर नोएडा के दो युवक गवाह की भूमिका में थे। पुलिस ने दोनों गवाहों को पूछताछ के लिए सोमवार को राजौरी गार्डन स्थित अपराध शाखा के कार्यालय में बुलाया है।

 

आठ आरोपियों के साथ गिरफ्तार हुआ था साहिल का पिता

निक्की की हत्या के आरोपी साहिल गहलोत के पिता वीरेंद्र गहलोत के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज हुआ था। यह मामला जून, 1997 में मामला दर्ज हुआ था। वीरेंद्र गहलोत व अन्य लोगों को मित्राऊ गांव के ही एक व्यक्ति से झगड़ा हो गया था। इस झगड़े में पीडि़त को गंभीर चोट लग गई थीं। व्यक्ति अस्पताल में भर्ती रहा और इलाज के दौरान कुछ दिनों बाद उसकी मौत हो गई। पुलिस ने वीरेंद्र गहलोत समेत नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया था। कोर्ट ने सभी नौ आरोपियों को सजा सुनाई थी। हाईकोर्ट ने सभी आरोपियों को बरी कर दिया था।

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