सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर 29 साल की युवती के यौन शोषण के आरोप में फंसे उत्तराखंड सरकार में गृह विभाग के अपर सचिव जेपी जोशी की मुसीबतें और बढ़ती दिख रही हैं।
शुक्रवार देर रात दिए अपने बयान में पीड़िता ने आरोप लगाया कि जेपी जोशी ने उसके अलावा कई अन्य युवतियों का भी यौन शोषण किया।
युवती के मुताबिक इस प्रकरण में जोशी की परिचित रितू कांडियाल भी शामिल रही हैं। पीड़िता ने उत्तराखंड के एक एसपी देहात के खिलाफ भी धमकी देने का आरोप लगाया है।
दिल्ली पुलिस ने इन बयानों को जीरो एफआईआर में दर्ज किया है।
शिमला की रहने वाली 29 वर्षीय पीड़िता ने बताया कि चार साल पहले सोशल वेबसाइट के जरिए उसकी पहचान रितू कांडियाल नामक युवती से हुई थी।
दोनों की दोस्ती बढ़ती गई। करीब तीन साल पहले रितू ने उसे जेपी जोशी से मिलवाया।
जेपी जोशी ने उसे सरकारी नौकरी का झांसा दिया और उसका शारीरिक शोषण करने लगा। पीड़िता ने आरोप लगाया कि 20 अक्तूबर 2013 को जेपी जोशी ने उसे नैनीताल के होटल कमला पैलेस में बुलाया और वहां उसकी अश्लील सीडी बना ली।
बाद में जोशी ने अश्लील सीडी इंटरनेट पर डलवाने और लोगों में बंटवाने की धमकी दी। विरोध जताने पर जोशी और कांडियाल ने उसे जान से मारने की धमकी दी।
यहीं नहीं जेपी के इशारे पर कुछ गुंडों और उत्तराखंड में एसपी देहात जगदीश भंडारी ने उसे धमकाया। पीड़िता का कहना है कि जब उसे यकीन हो गया कि उत्तराखंड में उसकी सुनवाई नहीं होगी।
तभी वह दिल्ली में शिकायत करने के लिए आई। दिल्ली पुलिस ने उसके बयाने के आधार पर जीरो एफआईआर दर्ज कर मामला उत्तराखंड पुलिस को सौंप दिया है।
कड़कड़डूमा अदालत में हुए 164 के बयान
पीड़ित महिला के शनिवार को कड़कड़डूमा स्थित संबंधित मजिस्ट्रेेट के समक्ष धारा-164 के तहत बयान दर्ज किए गए।
महिला ने अपने बयान में उन सभी आरोपों की पुष्टि की, जो उसने अपनी शिकायत में दर्ज कराई थी।