नई दिल्ली के कांग्रेस की स्क्रीनिंग कमेटी बृहस्पतिवार को तीन घंटे बैठकर भी पैनल को अंतिम रूप नहीं दे पाई। वर्तमान 40 विधायकों को बेशक टिकट दिये जाने की चर्चा है लेकिन फाइनल टच देने में कांग्रेस के आला नेताओं के पसीने छूट रहे हैं।
सिफारिश-पैरवी के बीच विधायकों का टिकट मुख्यमंत्री शीला दीक्षित कटने नहीं देना चाहतीं, जबकि बाकी 28 सीटों पर बाकी दावेदारों को एडजस्ट करने का दबाव है। मसलन अभी एक बार स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक और होगी।
कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि 9 नवंबर को सोनिया गांधी की अध्यक्षता वाली केन्द्रीय चुनाव समिति की बैठक तय है। उसी दिन गैर विवादित सीटों की पहली सूची जारी की जाएगी।
इसमें वर्तमान विधायकों के अलावा कुछ भारी भरकम अन्य प्रत्याशियों के नाम भी हो सकते हैं। उससे पूर्व स्क्रीनिंग कमेटी सूची पैनल को अंतिम रूप दे देगी।
आला नेताओं का कहना है कि विधानसभा चुनाव 2008 की तर्ज पर ही इस बार भी दो सूची जारी की जाएंगी। कांग्रेस के दावेदार इस बीच अपनी जोड़तोड़ में जुटे हैं।
अपने आका नेताओं के चक्कर लगाने के साथ ही अन्य दावेदारों की कमियां और अपनी मजबूती केंद्रीय नेताओं तक पहुंचा रहे हैं। इतना ही नहीं अपने-अपने स्तर पर भाजपा की तरफ से जारी सूची के प्रत्याशी का हवाला भी दावेदारी ऊपरी स्तर पर पहुंचा रहे हैं।
अभी नहीं हुआ काम पूरा
स्क्रीनिंग कमेटी सदस्यों ने सभी सीटों के दावेदारों पर चर्चा की। अभी पैनल को अंतिम रूप नहीं दिया जा सका है। प्रक्रिया है जिसे अभी कर रहे हैं। कोशिश है कि छंटनी करके पैनल छोटे किए जाएं। एक बार स्क्रीनिंग कमेटी सदस्य सेंट्रल इलेक्शन कमेटी की मीटिंग से पूर्व और बैठेंगे।
शीला दीक्षित, मुख्यमंत्री