महिला आरक्षण विधेयक को इसी सत्र में लोकसभा में पेश किए जाने की मांग करते हुए महिलाएं देशव्यापी अभियान चलाएंगी।
जिसमें इस सत्र में बिल न पारित करने पर सभी महिलाओं से राइट टू रिजेक्ट बटन के प्रयोग की अपील की जाएगी।
करीब एक दर्जन महिला संगठन की प्रतिनिधि 17 विधेयक के लिए राष्ट्रपति के अलावा यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी और भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह से मुलाकात करेंगी।
शुक्रवार को दि टाइम फॉर 33 परसेंट कोलिशन के बैनर तले प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता में मौजूद लगभग एक दर्जन महिला संगठनों की सदस्यों ने यह बात कही।
मौके पर सेंटर फॉर सोशल रिसर्च की निदेशक रंजना कुमारी ने विधानसभा चुनावों के घोषित उम्मीदवारों में महिलाओं की हिस्सेदारी के आंकड़े पेश किए।
जिसमें दिल्ली में भाजपा द्वारा महज पांच महिलाओं को टिकट दिया गया है और कांग्रेस ने उम्मीदवार तय नहीं किए हैं।
वहीं, छत्तीसगढ़ में कांग्रेस ने 14 फीसदी जबकि भाजपा ने 31 फीसदी महिलाओं को उम्मीदवार घोषित किया है। जबकि राजस्थान में यह प्रतिशत घटकर कांग्रेस द्वारा 17 फीसदी और भाजपा द्वारा 20 फीसदी की राजनीतिक हिस्सेदारी तक सीमित है।
रंजना कुमारी ने कहा कि अभियान के लिए जल्द ही महिला संगठन मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र सहित कई अन्य राज्यों में रैली करने वाले हैं।
इस दौरान बहाई ऑफिस ऑफ पब्लिक अफेयर्स की निदेशक फरीदा वहेदी, ऑक्सफैम इंडिया की जूली थेकुडान, वीमेन पॉवर कनेक्ट की मुख्य सदस्य एन हम्सा, ऑल इंडिया वीमेंस कान्फ्रेंस की चंद्रप्रभा पांडे, वाईडब्ल्यूसीए की महासचिव शशि ओवेद समेत अन्य महिलाएं उपस्थित थीं।