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कहां से लड़ेंगे भाजपा के दिग्गज चुनाव तय नहीं

Mon, 07 Oct 2013 12:19 PM IST
नवनीत श्ारण्ा/ नई दिल्ली
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चुनावी बिगुल बज चुका है, लेकिन दिल्ली भाजपा के आधा दर्जन से अधिक दिग्गज नेता ऐसे हैं, जिनका अपना चुनावी क्षेत्र ही नहीं है। कई नेता तो ऐसे हैं, जो अपनी पार्टी के ही विधायकों की सीट पर ही आंखें गढ़ाए हैं।
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ऐसे में सूची जारी होने के बाद विरोध के सुर उठना तय माना जा रहा है।

इस बार के चुनाव में प्रदेश अध्यक्ष विजय गोयल भी मैदान में हैं। इनकी निगाहें शालीमार बाग सीट पर हैं। अगर उन्हें यहां से प्रत्याशी बनाया जाता है तो वर्तमान विधायक रविंद्र बंसल के लिए संकट होगा।

बंसल को कहां से चुनाव लड़ाया जाए, यह तय कर पाना पार्टी के लिए कठिन होगा। हालांकि, गोयल के मॉडल टाउन से चुनाव लड़ने की भी चर्चा है।

इसी तरह विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रो. विजय कुमार मल्होत्रा की सीट पर पूर्व विधायक विजय जौली की निगाहें हैं। परिसीमन के बाद उनका विधानसभा क्षेत्र खत्म हो गया था, लिहाजा पिछले चुनाव में उन्होंने मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के खिलाफ नई दिल्ली से ताल ठोंकी थी।
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इस बार उन्हें ग्रेटर कैलाश से प्रत्याशी बनाए जाने की चर्चा है। अगर ऐसा होता है तो वर्तमान विधायक प्रो. मल्होत्रा और उनके बेटे अजय मल्होत्रा की राजनीति को विराम मिल जाएगा।

दिग्गजों नेताओं में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता का क्षेत्र रोहिणी है, लेकिन यहां से भाजपा के जयभगवान अग्रवाल विधायक हैं।

ऐसे में गुप्ता शालीमार बाग से भी दावेदारी कर रहे हैं। इन दोनों सीटों पर भाजपा के ही विधायक हैं। अगर उन्हें प्रत्याशी बनाया जाता है तो वर्तमान विधायकों का रास्ता कठिन होगा।

आरती मेहरा अपने विधानसभा क्षेत्र मालवीय नगर के साथ ही ग्रेटर कैलाश दावेदारी कर ही रही हैं।

मोतीनगर सीट पर भी घमासान है। इस बार पूर्व मुख्यमंत्री मदनलाल खुराना का चुनाव प्रबंधन संभालने वाले उनके बेटे विमल खुराना भी दावा ठोंक रहे हैं।

ऐसे में अगर उन्हें भाजपा प्रत्याशी बनाती है तो वर्तमान विधायक सुभाष सचदेवा के लिए चुनाव लड़ना मुश्किल होगा। प्रवेश वर्मा की अगर बात करें तो इनकी निगाहें शालीमार बाग और मटियाला पर हैं।

इस सीट पर न केवल प्रवेश वर्मा, बल्कि पूर्व मुख्यमंत्री साहिब सिंह वर्मा के भाई और मेयर आजाद सिंह की भी निगाहें हैं। पहली बार चुनाव लड़ना चाह रहे हैं, लेकिन उनके पास अपना क्षेत्र ही नहीं है।
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