दिल्ली में दामिनी, गुड़िया जैसी घटनाओं से दिल्ली शर्मसार हुई है। बलात्कार की घटना से विदेशों में हमारी साख गिर रही है। इससे निजात पाने के लिए समग्र सोच की आवश्यकता है।
महिला उत्पीड़न रोकने के लिए समाज की सोच बदलनी होगी, आत्मरक्षा कवच देना होगा, कानून व्यवस्था का खौफ होना चाहिए और पीड़िता के प्रति संवेदनशील होना होगा। उक्त बातें लोकसभा नेता प्रतिपक्ष सुषमा स्वराज ने कहीं।
दस दिन दस इरादें पेश करने के मौके पर सुषमा स्वराज ने यह भी कहा कि दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित महिला सुरक्षा के मामले में असहाय दिखती हैं।
वे बराबर अव्यवहारिक नसीहत देती हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा दिल्ली में सत्ता में आएगी तो महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। दिल्ली के 272 वार्ड में सेल्फ डिफेंस की शिक्षा महिलाओं को मुफ्त में दी जाएगी।
इतना ही नहीं महिला कमांडों फोर्स का गठन किया जाएगा। 25 हजार महिला कमांडो विदेश में ट्रेनिंग लेकर दिल्ली की सुरक्षा में जुटेंगी।
उन्होंने कहा कि मनौवैज्ञानिकों से राय लेकर यह फैसला किया गया है कि पुरुषों को भी जागरूक किया जाएगा जिसमें वे हर महिला को सम्मान की नजर से देखें।
मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि दिल्ली को भारत की बलात्कार राजधानी के दाग से मुक्त किया जाएगा। पीड़ितों की आर्थिक सहायता के लिए एक कोष का गठन भी किया जाएगा।
महिला अपराध रोकने के लिए भाजपा का इरादा
1. 16 दिसंबर को जनचेतना के लिए निर्भया दिवस मनाया जाएगा।
2. दिल्ली के 1000 जगहों पर प्रकाश की व्यवस्था पार्टी करेगी।
3. सार्वजनिक जगहों को सीसीटीवी कैमरा से लैस किया जाएगा।
4. एफआईआर दर्ज कराने की राह आसान की जाएगी।
5. नया वेब पोर्टल खोला जाएगा जिस पर महिलाओं के विरुद्ध अपराध की ऑनलाइन रिपोर्ट होगी।
6.‘बीट कॉप’ की प्रणाली सुदृढ़ होगी। एक पुलिस वाला, एक होमगार्ड 10 मिनट में मौके पर उपलब्ध होंगे।
7. सीबीएसई पाठ्यक्रम में जेन्डर सेंसटिविटी को शामिल किया जाएगा।
8. दिल्ली सतत निगरानी वाला पहला शहर होगा।
9. जहां लड़कियां काम करने जाती हैं वहां से डेडिकेटेड बस की सुविधा होगी।
10. सीरियल किलर व सीरियल बलात्कारियों पर नजर रखी जाएगी।